क्या कहते हैं अनुभवी
अक्षय प्रताप सिंह के लिए यह चुनाव जीतना आसान नहीं था, मगर राजाभैया के गांव-गांव प्रचार करने से चुनाव का रूख बदल गया और उन्हें भारी मतों से जीत मिली। हालांकि एमएलसी का चुनाव लड़ चुके अक्षय प्रताप सिंह का प्रधानों और बीडीसी सदस्यों के बीच गहरी पैठ थी। - राम प्रसाद यादव, कुंडा
यह चुनाव सपा और कांग्रेस के बीच नहीं था, बल्कि राजाभैया और रत्ना सिंह के बीच था। अक्षय प्रताप सिंह के प्रचार की बागडोर राजाभैया के संभालते ही चुनावी माहौल बदल गया और सपा प्रत्याशी को जीत मिली। - लवकुश सिंह, छतरपुर