अमर उजाला के अभियान अपराजिता : 100 मिलियन इस्माइल के तहत गोड़े स्थित चिंतामणि विधि स्मारक महाविद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें एलएलबी के छात्र-छात्राओं को कानूनी जानकारी दी गई। विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव और सिविल जज मधु डोगरा ने कहा कि लोक अदालतों से निर्णीत मुकदमों की किसी भी न्यायालय में अपील नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों में सुलह-समझौते से मामले का निपटारा किया जाता है। इसलिए कोई भी पक्षकार बाद में समझौते से नहीं मुकर सकता है।
शुक्रवार को आयोजित विधिक साक्षरता शिविर को संबोधित करते हुए न्यायिक अधिकारी मधु डोगरा ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को कानूनी जानकारी हासिल करने का अधिकार है। खासतौर पर जो छात्र-छात्राएं एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं, उन्हें गहराई से जानने की जरूरत है। उन्होंने समाज में महिलाओं और पुरुषों के बीच व्याप्त असमानता को दूर करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की में पुरुषों के साथ महिलाएं भी बराबर सहभागी हैं ।
व्यक्ति को अधिकार तभी मिलेगा, जब वह अपने कर्तव्य का निर्वहन करेगा। महिलाओं के प्रति पुरुषों को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। महिला और पुरुष एक गाड़ी के दो पहिये हैं, एक के बिना दूसरा अधूरा है। उन्होंने दहेज अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम, भरण-पोषण अधिनियम, पास्को एक्ट की विस्तार से जानकारी दी। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने कहा कि संविधान में महिला व पुरुष को समान अधिकार प्राप्त हैं । उन्होंने महिलाओं के स्वस्थ रहने पर विशेष बल देते हुए कहा कि महिलाओं को पौष्टिक आहार लेना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता विश्वनाथ त्रिपाठी ने किया।