शहर में लेखपाल का बेटा अपने साथियों के साथ अवैध शराब की तस्करी कर रहा था। जिले के बाहर तक इस अवैध कारोबार का जाल फैला रखा था। पुलिस ने पंजाब से मंगाई गई 32 लाख कीमत की 950 पेटी अवैध शराब बरामद करते हुए चालक समेत दो लोगों को दबोच लिया। जबकि शराब मंगाने वाले लेखपाल के बेटे समेत अन्य पांच आरोपी हाथ नहीं लगे।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेन्द्र नाथ द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी नगर अतुल शर्मा व सीओ क्राइम आलोक सिंह की अगुवाई में शुक्रवार भोर में भुपियामऊ चौराहे पर अवैध शराब आने की खबर पर स्वाट टीम व कोतवाली पुलिस पहुंची। पुल के नीचे पंजाब का नंबर लिखा एक ट्रक खड़ा था।
जांच के दौरान उसमे अवैध शराब की बोरियां व पेटी मिली। ट्रक पर बैठे चालक रिंकू उर्फ जागर सिंह पुत्र करम सिंह निवासी खरौला थाना राजपुरा जनपद पटियाला पंजाब और देवराज सरोज उर्फ पिन्टू पुत्र जयकरन सरोज निवासी मझिलहा, इसीपुर ढेकाही, थाना अंतू को पुलिस ने दबोच लिया।
पूछताछ में रिकूं ने बताया कि ट्रक में लदी अवैध शराब को वह पंजाब से लाया है। जो रोहित सिंह निवासी सकरदहा थाना बाघराय के कहने पर लाई गई है। देवराज उर्फ पिंटू ने पूछताछ में बताया कि उसे संदीप सिंह पुत्र लल्लन सिंह उर्फ लाल बहादुर निवासी इसीपुर ने भुपियामऊ भेजा था। चालक का नंबर दिया था। उससे बातचीत के बाद अवैध शराब गंगेश पुत्र अरुण सिंह लेखपाल निवासी मीराभवन, विकास सिंह निवासी आवास विकास कालोनी, रवीन्द्र सिंह उर्फ जानी सिंह पुत्र यशवन्त सिंह निवासी कापा की सराय और संदीप सिंह के बताए पते पर उतारनी थी।
जहां से शराब रैपर लगाकर बेची जानी थी। पुलिस के मुताबिक सफेद सफारी से शराब तस्करी से जुड़े लोग कुछ दूरी पर थे लेकिन पुलिस को देखते ही भाग निकले। एसपी ने बताया कि बरामद 950 पेटी अवैध शराब पंजाब से लाई गई है। जिसकी कीमत करीब 32 लाख रुपये है। शराब तस्करी में लेखपाल अरुण सिंह के बेटे गंगेश सिंह समेत पांच लोगों का नाम प्रकाश में आया है। सभी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।
ब्रांड के रैपर से बदल देते थे नाम
शराब माफिया हरियाणा व पंजाब से अवैध शराब लाते हैं। इसके बाद जिले में बिकने वाली देशी शराब जैसे परी, बसन्ती, महुआ, संतरा आदि के रैपर लगाकर बेचते हैं। सवाल ये है कि आखिर अवैध शराब का कार्य बिना आबकारी विभाग और पुलिस के संरक्षण के फलफूल नहीं सकते। अभी तक कुंडा क्षेत्र ही अवैध शराब के लिए बदनाम था। अब कोतावली नगर का भुपियामऊ क्षेत्र बाहरी अवैध शराब का केंद्र बिदु बनता जा रहा है।