बृहस्पतिवार को बारात में शामिल होने के लिए बच्चों को अलग वाहन से शेख मोहम्मदपुर ले जाया गया। उनके वाहन को बहुत ही जिम्मेदारी से चालक ले गया था। रात में काल हंसते-खेलते शादी में शामिल होने गए बच्चों को बोलेरो पर खींच लाया। द्वारपूजा के बाद बोलेरो से घर लौट रहे पिता व मामा के साथ बच्चे भी घर आने की जिद करने लगे। जबकि परिवार के अन्य सदस्यों बच्चों को सुबह घर जाने के लिए रोक रहे थे।
कुंडा कोतवाली के जिरगापुर निवासी सुनील यादव पुत्र संतलाल यादव की बारात बृहस्पतिवार को नवाबगंज के शेख मोहम्मदपुर निवासी झूरी यादव के घर गई थी। बारात में बच्चों को अलग वाहन से एक साथ ले जाया गया था। द्वारपूजा के दौरान फिल्मी गीतों पर बच्चों ने जमकर धमाल मचाया। द्वारपूजा के बाद घरातियों ने सभी को खाना खिलाना शुरू कर दिया।
सुनील के चचेरे भाई राममनोहर ने बताया कि उसके भाई दिनेश व नान भइया घर जाने के लिए रात में ही बोलेरो में बैठ गए। इस पर उसका 7 साल का भांजा अंश पुत्र कमलेश भी घर जाने की जिद करने लगा। यह देख दिनेश का 10 वर्षीय बेटा पवन यादव व 7 साल का अमन भी बोलेरो में सवार हो गए। अपने चचेरे भाइयों को घर जाते देख उसका बेटा गौरव यादव (10) भी जिद कर गाड़ी में बैठ गया।
इन सभी को घर जाते देख गांव का 12 वर्षीय सचिन यादव पुत्र रामसमुझ व 12 साल का हिमांशु विश्वकर्मा पुत्र रामभवन और मिथलेश कुमार यादव (17) पुत्र दशरथ लाल भी बोलेरो में पीछे बैठ गए। जबकि परिवार के सदस्य बच्चों को रोकने की लगातार जिद कर रहे थे। यहां तक कि दो बच्चों को उतार भी दिया गया था, लेकिन बाद में उनकी जिद देख परिवार के लोगों ने सभी को बोलेरो में बैठा दिया।
पोस्टमार्टम हाउस पर पुलिस व नेताओं का जमघट
मानिकपुर के देशराज का इनारा में सड़क हादसे में छह बच्चों समेत 14 लोगों की मौत की खबर ने जनपद के लोगों को दहलाकर रख दिया था। शुक्रवार को सुबह से पोस्टमार्टम हाउस पर परिवार को सांत्वना देने के लिए सियासी दलों के नेताओं का जमघट लगा रहा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्र, संतोष तिवारी, संजय इश्तियाक, सपा नेता व पूर्व विधायक श्याद अली, इरशाद सिद्दीकी, वासिक खान, अनीस खान, कुंडा विधानसभा अध्यक्ष राम अवध यादव, मनीष पाल, पूर्व प्रमुख शांति सिंह, सद्दाम अहमद, जनसत्ता दल के जिला प्रभारी राम अचल वर्मा, मुक्कू ओझा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
डीएम के पहुंचते ही शुरू हुआ पोस्टमार्टम, पांच डाक्टरों ने टीम रही मुस्तैद
मानिकपुर में भीषण दुुर्घटना में मृत 14 लोगों के शवों को पोस्टमार्टम कराने की कवायद रात से ही शुरू हो गई थी। रातभर पोस्टमार्टम हाउस पर शवों की रखवाली करते हुए पुलिसकर्मी चहलकदमी कर रहे थे। कुछ पुलिसकर्मी पंचायतनामा भर रहे थे। सुबह करीब 10.24 बजे जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहां मौजूद सीएमएस डा. पीपी पांडेय, एडीएम शत्रोहन वैश्य, एसडीएम मोहनलाल गुप्ता से पोस्टमार्टम की तैयारियों की जानकारी ली। शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए पांच डाक्टरों की टीम मौजूद रही। पोस्टमार्टम शुरू होने में विलंब देख डीएम ने पूछताछ करने लगा। इस पर पता चला कि अभी कागजात नहीं आए। हालांकि उसी समय पेपर पहुंच गए। डीएम की मौजूदगी में पोस्टमार्टम शुरू हुआ। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। सीओ सिटी अभय पांडेय, नगर कोतवाल, कोहड़ौर थानाध्यक्ष समेत सभी चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
शवों की पहचान के लिए सिपाहियों की लगाई गई ड्यूटी, मंगाए गए कंबल
हादसे में मृत लोगों के शवों को पुलिस ने बैग में भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के दौरान हथिगवां, मानिकपुर के पुलिसकर्मी पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे। शवों को घरों तक भेजने के लिए एंबुलेंस मंगाई गई थीं। शवों के साथ सिपाहियों को कागजात देकर एंबुलेंस से साथ में भेजा गया। ताकि शवों को लेकर कोई भ्रम न रहे। पोस्टमार्टम होते ही मर्चरी से शवों को एंबुलेंस में रखवाया जाता रहा। सिपाही उस शव की निगरानी में खड़े हो जा रहे थे। पहली बार शवों को ढकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल से कंबल भी मंगाए। ताकि किसी तरह का हंगामा न खड़ा हो सके।