लोकसभा चुनाव में प्रतापगढ़ सीट पर भाजपा से टिकट के दावेदारों की जोर-आजमाइश तेज हो गई है। टिकट के दावेदार नेताओं ने दिल्ली को अपना नया ठौर बना लिया है। टिकट पाने के लिए हर जुगत लगाई जा रही है। सूत्रों की मानें तो 25 मार्च को दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रतापगढ़ सीट के उम्मीदार के नाम पर मुहर लग जाएगी। 31 मार्च तक सूची भी जारी कर दी जाएगी। दावेदारों एवं वरिष्ठ नेताओं के जाने से भाजपा कार्यालय पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा के बाद जिले में कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। प्रतापगढ़ सीट बसपा के खाते में जाने के बाद विधानसभा चुनाव लड़ चुके अशोक त्रिपाठी को लोकसभा प्रभारी बनाया गया है, जबकि कांग्रेस ने एक बार फिर कालाकांकर राजघराने की पूर्व सांसद रत्ना सिंह पर भरोसा जताया है। 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां से अपना दल से हरिबंश सिंह सांसद बने थे। अभी तक भाजपा ने अपना दल के लिए सिर्फ मिर्जापुर सीट दी है। दूसरी सीट अभी तय नहीं हो सकी है।
ऐसे में प्रतापगढ़ सीट को लेकर पेच फंस गया है। एक तरफ सांसद हरिबंश सिंह अपनी नई पार्टी अखिल भारतीय अपना दल का गठन करने के बाद भाजपा से गठबंधन के साथ टिकट के लिए पूरी जोर-आजमाइश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा से पूर्व विधायक, बृजेश सौरभ, कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह, अपना दल एस से सदर विधायक संगमलाल गुप्ता, अभयप्रताप सिंह के नाम की भी चर्चा है। इस सीट को लेकर भाजपा ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
नेताओं ने टिकट पाने के लिए दिल्ली में डेरा डाल दिया है। संघ के साथ ही पार्टी के कद्दावर नेताओं से संपर्क साधा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो 25 मार्च को दिल्ली में संसदीय बोर्ड की बैठक है, जिसमें प्रतापगढ़ सीट का भी फैसला होगा। बैठक में प्रत्याशी के नाम की घोषणा होगी। जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र ने बताया कि 31 मार्च तक टिकट के दावेदारों को लेकर सभी अटकलों पर विराम लग जाएगा। तस्वीर साफ हो जाएगी।