जिले की सड़कें भारी वाहनों का बोझ सहन नहीं कर पा रहीं हैं। ओवरलोड वाहनों के चलते बनने के तीन से चार महीने के बाद ही सड़कों का बुरा हाल हो जा रहा है। ओवरलोड वाहनों पर परिवहन विभाग के साथ ही यातायात विभाग ने भी चुप्पी साध रखी है। इससे क्षमता से अधिक भार लादकर ट्रक रात-दिन जिले में प्रवेश कर रहे हैं।
जिले की सड़कों की दुर्दशा के लिए परिवहन विभाग और यातायात विभाग भी जिम्मेदार हैं। हर दिन सैकड़ों ट्रक मोरंग, गिट्टी व दूसरे सामान लादकर जिले की सीमा में प्रवेश करते हैं। ओवरलोड वाहनों के कारण मानधाता, जेठवारा, रानीगंज से पट्टी, चिलबिला से किशुनगंज समेत अन्य मार्गों की दशा बेहद खराब है। ओवरलोड ट्रकों ने सड़कों को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। सड़कें टूटने से आए दिन दुर्घटनाएं भी होती हैं। सिटी रोड पर सगरा के करीब पक्की सड़क को मोरंग लदे ट्रक ने तीन दिन पहले क्षतिग्रस्त कर दिया। जिससे नई सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीण अंचलों में तो भारी भरकम वाहन फर्राटा भर ही रहे हैं, शहर में भी धडल्ले के साथ प्रवेश करते हैं। इन्हें न तो परिवहन विभाग का भय है और न ही यातायात विभाग का।
परिवहन विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा सप्ताह चला गया है। इसका शुभारंभ चालकों के साथ ही वाहन स्वामियों को जागरूक कर किया गया। इस दौरान भी ओवरलोड वाहनों के प्रवेश पर रोक नहीं लगाई जा सकी। जनपद के अलावा दूसरे प्रांत के ट्रक क्षमता से अधिक भार लादकर गुजर रहे हैं। जिसकी हर स्तर पर अनदेखी की जा रही है।