रेलवे स्टेशन पर हाईटेक पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना होगी। 24 घंटे जीआरपी के दो सिपाहियों की तैनाती होगी। परेशान यात्रियों की मदद करने की जिम्मेदारी सिपाहियों की होगी।
यात्रियों की सहूलियत के लिए एक नंबर प्लेटफार्म पर जीआरपी पुलिस बूथ बना है। सिपाहियों के बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सी बनाई गई थीं, लेकिन देखरेख्र के अभाव में वह टूट गईं।
कागज में बूथ पर सिपाहियों की ड्यूटी भले ही लगाई जाती है, लेकिन वहां कोई नहीं रहता है। ऐसे में यात्रियों को पुलिस की मदद लेने के लिए थाने का चक्कर लगाना पड़ता है। उन्हें परेशान होना पड़ता है। रविवार को रेलवे स्टेशन पर आए डीआरएम सतीश कुमार एक नंबर प्लेटफार्म का निरीक्षण कर रहे थे।
दो सिपाही टूटी कुर्सी पर बैठे थे। यह देख डीआरएम ने एडीईएन को फटकार लगाते हुए पुलिस बूथ बनवाने के लिए आदेश दिया। बताया जा रहा है कि जो नक्शा पास हुआ है उसमे पुलिस बूथ भी शामिल है। पुलिस बूथ के अंदर दो सिपाहियों के बैठने, कागजात रखने की जहां व्यवस्था की जाएगी। डीआरएम सतीश कुमार के आदेश के बाद टूटे हुए पुलिस बूथ की जगह अफसर नए बूथ का निर्माण कराने में लगे हैं।
29 मार्च के पहले लगाई जाएंगी स्टील की कुर्सियां
रेल प्रबंधक के आने के पहले 29 मार्च तक स्टेशन के प्लेटफार्म एक से तीन तक यात्रियों के बैठने के लिए बनी पत्थरों की कुर्सियां तोड़ दी जाएंगी। डीआरएम ने आदेश दिया है कि 29 मार्च के पहले प्लेटफार्म पर स्टील की कुर्सियां लगाई जाएं।
औचक निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने जो भी खामियां गिनाई हैं, जो नए काम करवाने के लिए आदेश दिए हैं, उसका पालन किया जा रहा है। 20 मार्च तक रेलवे स्टेशन की सूरत बदली-बदली नजर आएगी।
केएन शर्मा, प्रभारी स्टेशन अधीक्षक।