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प्रतापगढ़: तालाबों पर तन गईं हवेलियां

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बाबागंज के पुरैली मकदूमपुर में तालाब की जमीन पर बनाया गया मकान। - फोटो : PRATAPGARH
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राजस्व विभाग की मिलीभगत के चलते जिले में कहीं तालाबों पर फसल लहलहा रही है तो कहीं हवेली खड़ी कर दी गई है। 1951-52 में राजस्व अभिलेखों में दर्ज तालाबों के अधिकांश भाग पर पट्टा दे दिया गया है। शहर में भूमाफिया जहां तालाब की जमीन पर प्लाटिंग कर मोटी कमाई कर रहे हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में खेती की जा रही है। जिला प्रशासन के पास तीन साल पहले 457 तालाबों पर अवैध कब्जे का आंकड़ा था, मगर वर्तमान में अवैध कब्जेदारों की सूची ही नहीं है। जबकि सदर, पट्टी, कुंडा, और लालगंज तहसीलों में तालाबों की जमीनों पर हवेलियां तान दी गई हैं।
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सदर तहसील के राजस्वकर्मियों की मानें तो शहर के प्रताप बहादुर पार्क और खुशखुशवापुर में भूमाफियाओं ने तालाब की जमीन पर अवैध प्लाटिंग करके करोड़ों की कमाई की। वर्तमान में इन तालाबों का का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। स्थानीय लोगों की मानें तो जहां पहले तालाब थे, वहां अब दुकानें बनी हुई हैं। खुशखुशवापुर में अवैध कब्जे के विरोध में स्थानीय महिलाओं ने बीते दिनों धरना-प्रदर्शन कर तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की थी, मगर अफसरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
सदर तहसील के कटरागुलाबसिंह पूरेतोरई गांव में 718 नंबर तालाब सात बीघे में फैला हुआ था। वर्तमान समय में यह दबंगों के चंगुल में है। तालाब की जमीन पर धान की फसल लहलहा रही है।
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लालगंज तहसील के सगरासुंदरपुर में 544/1, 544/2 नंबर के तालाब पर हाइवे के किनारे दंबगों ने हवेली खड़ी कर ली है। राजस्व कर्मियों की पैमाइश में इसका खुलासा होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। रेहुला लालगंज में गांव के लोग तालाब का अस्तित्व मिटाने पर तुले हुए हैं। अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
पट्टी तहसील के डेईडीह धौरहरा गांव में 487,240,682,272 नंबर पहले तालाब दर्ज था, मगर गांव के लोगों ने अभिलेखों में हेर-फेर करके अपने नाम दर्ज करा लिया। ग्राम प्रधान रमाकांत मिश्रा ने बताया कि तहसील प्रशासन की जांच में पुष्टि होने के बाद भी कब्जेदारों को बेदखल नहीं किया गया।
तालाब पर मकान और दुकान, फिर भी नहीं खुलतीं आंखें
कुंडा कस्बे में नूर मस्जिद स्थित गली में तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। पक्का निर्माण करने वाले रिहायशी मकान बनाकर निवास कर रहे हैं।
बाबागंज के पुरैली मकदूम में तालाब गाटा 417 पर अवैध कब्जेदारों ने पूरी तरह कब्जा कर लिया है। बाबागंज के पूरे निर्मल खुर्द में तालाब पर पक्का मकान बना लिया गया है। कुंडा के भदरी नया का पुरवा में तालाब की जमीन पर घर बना लिया गया है। शिकायत के बाद भी खाली नहीं कराया गया।
और प्रशासन कागजों पर 150 तालाब खाली कराकर लूट रहा वाहवाही
जिला प्रशासन 150 तालाबों से अवैध कब्जा हटवाने का दावा कर रहा है, मगर यह कितना सच है यह तो जमीनी हकीकत देखने के बाद ही पता चलेगा। चालू वित्तीय वर्ष में 451 चकमार्ग और 250 नाली से अवैध कब्जा हटवाने की रिपोर्ट शासन को भेजकर वाहवाही लूट जा रही है।
राजस्वकर्मियों की सेटिंग से तालाबों पर अवैध कब्जा
तालाबों पर होने वाला अवैध कब्जा राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से होता है। दरअसल, आनलाइन होने के बाद राजस्व कर्मियों की कमाई कम हो गई है। इससे उन्होंने नया तरीका ईजाद किया है। इसमें कोई काम भी नहीं करना होता और काम भी हो जाता है। अगर कोई शिकायत करता है तो शिकायतकर्ताओं को उलटे फंसाने की धमकी देकर समझौता करा दिया जाता है।
हाईकोर्ट के आदेश पर हरकत में आया प्रशासन
बुधवार को हाईकोर्ट का आदेश आते ही प्रशासन एक बार फिर तालाबों की खोजबीन में लग गया है। अफसरों ने भी तहसीलों से रिपोर्ट तलब की है कि कितने तालाबों पर अवैध कब्जे हैं। बुधवार को तहसीलों में अवैध कब्जे वाले तालाबों की संख्या जुटाने में कर्मचारी लगे रहे।
हाईकोर्ट के आदेश के परिपालन में तालाबों पर अवैध कब्जे की रिपोर्ट तलब की गई है। जल्द ही अभियान चलाकर ऐसे तालाबों को खाली कराया जाएगा। जिन लोगों ने अभिलेखों में छेड़छाड़ की है, जांच में सिद्ध होने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। शत्रोहन वैश्य, अपरजिलाधिकारी।

कुंडा कस्बे के नूरमस्जिद गली में तालाब की जमीन में बनाया गया मकान।- फोटो : PRATAPGARH

ुंडा कस्बे के नूरमस्जिद गली में तालाब की जमीन पर टाइल्स रखकर कब्जा की गई तालाब की जमीन।- फोटो : PRATAPGARH

सदर क्षेत्र के खुशखुशवापुर में स्थित तालाब स्थानीय लोगों द्वारा किया गया कब्जा।- फोटो : PRATAPGARH

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