बेटी चाहे जितनी बड़ी हो जाए, मां के जिगर का टुकड़ा ही रहती है। बेटी के लिए मां एक अच्छे दोस्त की तरह होती है। वह अपनी हर परेशानी लेकर मां के पास आती है। ऐसे में पहली बार पीरियड होने पर मां ही वह इंसान होती है, जिसके पास बच्चियां जाती हैं। वही उन्हें पूरी जानकारी दे सकती हैं पर, आज भी बहुत सी बच्चियां कपड़े का इस्तेमाल करने के कारण संक्रमण का शिकार हो रही हैं।
बेटियों की इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए व्हिस्पर च्वाइस और अमर उजाला ने संयुक्त रुप से शहर के दहिलामऊ स्थित साकेत गर्ल्स पीजी कालेज में 21 अप्रैल को एक खास कार्यक्रम करने का फैसला किया है। सपनों की उड़ान नाम से साकेत गर्ल्स पीजी कालेज के सभागार में दो बजे से प्रारंभ होने वाले कार्यक्रम में बेटियों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत परिचर्चा होगी।
कार्यक्रम में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.रीता दुबे, महिला सीओ बबिता सिंह, समाजसेविका साधना खंडेलवाल और जूडो-कराटे की एक्सपर्ट अपने अनुभव को साझा कर बेटियों के सपनों को नई उड़ान देंगी।