घटना की बाबत मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को दबोचकर जेल भेजा। विवेचना पूरी कर 11 नवंबर 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद गवाहों और सबूतों को पेश करने का दौर चला। इस मामले को लेकर अदालत इस कदर गंभीर थी कि प्राथमिकता के आधार महज साढ़े तीन माह में ही ताबड़तोड़ तारीखे पड़ने लगी।
इस दौर अभियोजन की तरफ से छह गवाहों और सबूतों को पेश किया गया तो वहीं बचाव पक्ष महज एक ही गवाह पेश कर सका। तमाम गवाहों व सबूतों के आधार पर न्यायालय ने सोमवार को चारों अभियुक्तों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी आरोपियों पर अलग-अलग कुल 3,95,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह रकम पीड़िता के मानसिक व चिकित्सीय पुनर्वास के लिए प्रदान किया जाएगा।
कई बार कर चुकी है जान देने का प्रयास
सामूहिक दुष्कर्म की शिकार पीड़िता कई बार अपनी जान देने की कोशिश कर चुकी है। कुछ दिनों पहले वह घर से गायब हो गई थी। जिसे फतनपुर पुलिस मुश्किल से खोज सकी।
पिता ने फैसले को सही ठहरायापीड़िता के पिता ने सोमवार को आए फैसले की जानकारी के बाद कहा कि अदालत का फैसला बहुत उत्तम है। दोषियों को उनके किए की सजा मिल गई। आजीवन वे जेल में रहेंगे।
पीड़िता की मां बोली, दरिंदगी करने वालों को होनी चाहिए फांसी
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने की खबर मिलने के बाद पीड़िता की मां गमजदा थी। बोलीं कि आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी। उन लोगों ने उसकी बेटी की जिंदगी बर्बाद करके रख दिया। जो सजा मिली है वह उनके गुनाहों के लिए कम है। हालांकि जल्दी फैसला आने पर संतोष भी जताया।
पुलिस का साक्ष्य संकलन भी पड़ा भारी
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के निर्देश पर देल्हूपुर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में साक्ष्यों को संकलित किया था। वैज्ञानिक जांच के जरिए डीएनए टेस्ट भी कराया था। जो आरोपियों को सजा दिलाने में भारी पड़ा।