म्बेडकर चौराहे पर ठंड से बचने को अलाव के समीप बैठे लोग।
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दक्षिण व उत्तरी हवाओं के द्वंद्व के बीच रविवार को सुबह की शुरुआत भीषण कोहरे से हुई। गलन व ठंड से लोग कांपते रहे। दोपहर बाद पश्चिमी हवाएं सक्रिय हुईं तो कोहरा छंटा, मगर ठंड व गलन से लोगों को राहत नहीं मिली। तापमान बढ़ने के बाद भी ठंड से राहत नहीं थी। लोग स्वेटर और जैकेट से लदे नजर आए। शाम होते ही फिर कोहरा बढ़ने लगा। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 18.0 व न्यूनतम 9.05 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
दिसंबर के मध्य चरण से ठंड का असर तेज हुआ है। लगातार तीन दिनों तक बादलों की सक्रियता रही। बारिश होने के बाद भीषण ठंड शुरू हो गई। शनिवार देर रात हवाओं की दिशा बदली तो कोहरे का असर दिखने लगा। उत्तरी व पश्चिमी हवाओं के बीच द्वंद्व रातभर जारी रहा। जिससे वातावरण में कोहर की चादर तन गई। भोर में लोगों की आंख खुली तो दरवाजे तक घना कोहरा था।
आलम यह था कि दो कदम भी देखना मुश्किल हो रहा था। शहर में मार्निंगवाक करने वालों की संख्या कम दिखी। पार्कों में इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। कोहरे के असर के चलते प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर वाहन रेंगते नजर आए। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। शहर के पंजाबी मार्केट, बाबागंज, पल्टन बाजार, अंबेडकर चौराहा, राजापाल टंकी सहित प्रमुख बाजारों में कोहरे के चलते सन्नाटा पसरा रहा।
जगह-जगह अलाव जलते रहे। राजमर्रा के कामकाज के लिए निकले लोग ठंड के चलते अलाव के पास दुबके नजर आए। दोपहर बाद हवाओं की दिशा बदली। पश्चिमी हवाएं सक्रिय हुईं तो कोहरा छंटना शुरू हुआ। दोहपर बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए। धूप खिली, लेकिन ठंड का असर कम नहीं हुआ। दोपहर बाद निकले लोग जैकेट व स्वेटर मेें दिखे। इधर शाम होते ही फिर से ठंड में इजाफा होने लगा। कोहरे का असर बढ़ने लगा। बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
रविवार को सुबह पड़े घने कोहरे के कारण लाइट जलाकर गुजरे वाहन।- फोटो : PRATAPGARH