किशोर को गोली मारने वाले आरोपी युवक की सजा उसके पिता को पुलिस दे रही है। नौ दिन से पुलिस ने उन्हें थाने में बैठा रखा है ताकि आरोपी बेटा पुलिस के पास खुद चलकर पहुंच जाए। जबकि उसकी करतूत से परिवार के लोग भी दुखी हैं।
पुलिस आरोपी युवक के पिता के खिलाफ न तो कार्रवाई कर रही है और न ही उसे छोड़ रही है। परिजन इंसाफ के लिए अधिकारियों से गुहार लगाए लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रमगढ़ा निवासी रमेश तिवारी के बेटे देवानंद तिवारी को 17 सितंबर की शाम बाबूराम चौरा के पास गांव के ही नीतेश तिवारी ने गोली मार दी थी। गोली लगने से घायल देवानंद का उपचार केजीएमसी में चल रहा है।
उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। रीढ़ की हड्डी में बुलेट फंसी है। घटना के बाद से ही देवसरा पुलिस ने गोली मारने के आरोपी नीतेश तिवारी के पिता हरीशचंद्र को हिरासत में ले लिया।
संभावित स्थानों पर पुलिस ने दबिश भी दी लेकिन उसका पता नहीं चला। रमेश की तहरीर पर पुलिस ने नीतेश के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया लेकिन आरोपी के न मिलने पर उसके पिता को थाने पर नौ दिन से बैठाया गया है। पुलिस न तो उसे छोड़ रही है और न ही उसे जेल भेज रही।
पुलिसिया कार्रवाई से परेशान हरीशचंद्र की पत्नी वंदना तिवारी ने पुलिस अधीक्षक, मानवाधिकार आयोग से लेकर मुख्यमंत्री व डीजीपी को शिकायती पत्र भेजा, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। एसओ देवसरा का कहना है कि वह अभी हाल ही में आए हैं। घटना को अंजाम देने वाले आरोपी की तलाश चल रही है। उनसे ठिकानों के बारे में जानकारी के लिए रोका गया है।