शहर के सीमा विस्तार के बाद गांवों को नगर जैसा विकसित करने के लिए नगर पालिका पर करोड़ों रुपये का भार पड़ेगा। नए वार्डों के गठन के बाद बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं पर करोड़ों खर्च करने होंगे। हालांकि केंद्र व प्रदेश से विकास के लिए भारी भरकम धनराशि भी मिलेगी।
शहर का दायरा बढ़ने के बाद राज्य वित्त में करीब 80 लाख तो 14वें वित्त में पौने दो करोड़ रुपये की धनराशि नगर पालिका को मिलेगी। इसके अलावा स्टांप शुल्क भी लगभग दो करोड़ मिलेगा। जिससे संसाधनों के साथ ही विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा।
नगर पालिका का सीमा विस्तार होने के बाद अब शहर की आबादी बढ़ गई है। पहले नगर पालिका में 25 वार्ड थे, लेकिन नए वार्डों का गठन होने के बाद इसकी संख्या 40 होने की संभावना है। वार्डों का गठन 26 से 3500 की आबादी पर किया जाएगा। नए गांवों के जुड़ने से अब शहर की आबादी लगभग 1,19,750 पहुंच गई है।
एक लाख से अधिक आबादी वाली नगर पालिका को ए श्रेणी में शामिल कर लिया जाता है। आबादी के हिसाब से अभी तक नगर पालिका में हर माह 1.18 करोड़ रुपये राज्य वित्त से मिलते थे। अब यह धनराशि 2 करोड़ के करीब पहुंच जाएगी। जिससे पालिका के कर्मचारियों का वेतन भी दिया जाता है और दूसरे मद में भी रुपये खर्च होते हैं।
हर साल करीब पौने दो करोड़ से दो करोड़ की धनराशि विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा 14वें वित्त से नगर पालिका को मिलती है। अब शहर का दायरा बढ़ने से धनराशि भी दोगुनी हो जाएगी। करीब एक करोड़ रुपये की धनराशि स्टांप शुल्क से नगर पालिका के खजाने में पहुंचती है। अब दो करोड़ के करीब स्टांप शुल्क से धनराशि मिलेगी।
गांव से शहर में शामिल होने वाले गांवों की तस्वीर बदलने के लिए नगर पालिका के ऊपर करोड़ों रुपये का हर माह भार पड़ेगा। सफाई कर्मचारियों के साथ ही प्रकाश, पेयजल समेत अन्य सुविधाओं के लिए कर्मचारियों की तैनाती करनी होगी। जिनके ऊपर भी नगर पालिका रुपये खर्च करेगी।
नगर पालिका के ईओ मुदित सिंह ने बताया कि सीमा विस्तार हो गया है। जल्द ही शहर में शामिल सभी गांवों का नक्शा बनकर तैयार होगा। जिसके बाद वार्डों का गठन होगा। इसके बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। ताकि जल्द से जल्द विकास कार्य प्रारंभ हो सकें।
अमृत योजना से मिलेगी गांवों को बुनियादी सुविधाएं
- पूरे शहर में नए सिरे से बिछेगी सीवर लाइन
- बिछेगी पाइप लाइन, पेयजल की दूर होगी समस्या
- जलनिकासी के लिए बनाएं जाएंगे नाले
- पात्रों को मिलेगा पक्का मकान
- कूड़ा प्रबंधन
- वर्षा जल संचयन
- ट्रांसपोर्ट
- बच्चों के लिए बेहतरीन पार्क
- सड़कों के किनारे हरियाली विकसित होगी
- ई गवर्नेस की सुविधा
हर माह 15 से 20 लाख है नगर पालिका की आय
नगर पालिका की आय हर माह 15 से 20 लाख के करीब है। गृहकर, जलकर, वाहन अड्डा, होर्डिंग्स के अलावा नगर पालिका व्यवसायिक कार्यों में प्रयोग होने वाले प्रतिष्ठानों से टैक्स वसूलती है। हर माह करीब कम व ज्यादा वसूली हो जाती है। जिसे शहर के विकास में ही खर्च किया जाता है।