कोरोना के साथ ही अब स्वास्थ्य विभाग को डेंगू का भी डर सताने लगा है। जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड को अब फिर से डेंगू वार्ड बना दिया गया है। कोरोना संक्रमित मरीजों को रखने के लिए बने एल टू अस्पताल को अब महिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। यहां लगे वेंटिलेटर को भी हटा दिया गया है।
जिला अस्पताल के आई वार्ड के बगल दस बेड का डेंगू वार्ड पांच साल पहले तैयार किया गया था। हालांकि यह वार्ड अधिकतर खाली ही रहता है। कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सीएमओ और सीएमएस ने डेंगू वार्ड को एल टू अस्पताल बना दिया। शासन के आदेश पर यहां चार वेंटिलेटर भी लगा दिए गए।
हालांकि इस वार्ड में सिर्फ सीएमओ के बेटे, एडीएम और कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के परिवार के कुछ सदस्यों को ही भर्ती कर इलाज किया गया। शासन ने संचारी रोग को लेकर स्वास्थ्य महकमे को अलर्ट रहने को कहा तो सीएमओ और सीएमएस ने डेंगू वार्ड को खाली कर एलटू अस्पताल महिला अस्पताल के पुराने भवन में शिफ्ट कर दिया। वेंटिलेटर को भी वहीं सेट कर दिया गया।
इमरजेंसी के लिए दस ऑक्सीजन सिलेंडर भी रखवा दिए गए हैं। कोरोना वार्ड को फिर से डेंगू वार्ड बना दिया गया है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर पीपी पांडेय ने बताया कि इन दिनों प्रयागराज का एसआरएन और लखनऊ के पीजीआई के साथ अन्य अस्पताल कोरोना संक्रमित मरीजों से फुल हैं। ऐसे में डेंगू और मलेरिया के मरीज मिलते हैं तो उन्हें दिक्कत न हो, इसलिए एल टू अस्पताल की जगह फिर डेंगू वार्ड बना दिया गया है। बरसात में डेंगू और मलेरिया के मरीज मिलते हैं। मौसम भी वही चल रहा है। इसलिए कोरोना के साथ ही डेंगू और मलेरिया से बचकर रहने की जरूरत है।