तीन दिन पहले जेल से छूटकर आए असलहा तस्कर को गुरुवार की रात एसटीएफ ने पिस्टल, तीन कारतूस व एक बाइक के साथ धर दबोचा। पूछताछ के बाद एसटीएफ टीम ने उसे कोतवाली पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उधर, दोपहर बाद आरोपी युवक की हालत बिगड़ गई। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। युवक के पिता का आरोप है कि एसटीएफ के सिपाहियों की पिटाई से उसकी हालत बिगड़ी है।
नगर कोतवाली के पूर्वी सहोदरपुर निवासी अब्दुल अतीक (28) पुत्र अब्दुल गफ्फार हरिजन एक्ट के मामले में कुछ दिनों से जिला जेल में बंद था। तीन दिन पहले ही वह जमानत पर छूटकर घर आया था। गुरुवार की रात में भंगवाचुंगी के पास से उसे एसटीएफ ने फिर गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे इलाहाबाद लेकर चली गई। उसके पास से एसटीएफ को एक पिस्टल, तीन कारतूस व एक बाइक मिली है। एसटीएफ का दावा है कि वह असलहा तस्कर है। वह 25 से 30 हजार रुपये में इलाहाबाद से असलहे मंगवाता था। पल्टन बाजार में डब्बू सिंह व विनोद दूबे के बीच हुई फायरिंग की घटना में भी वह शामिल था। बीडीसी चुनाव के दौरान शिवगढ़ के विंदागंज में विनोद की राइफल व अपनी पिस्टल से उसने फायरिंग की थी।
इस मामले में एसटीएफ टीम के सिपाही अतुल कुमार सिंह ने शुक्रवार को नगर कोतवाली मे ंअब्दुल अतीक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, शुक्रवार दोपहर में अचानक अतीक की हालत बिगड़ गई। इस पर कोतवाली पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसके पिता अब्दुल गफ्फार का आरो है कि एसटीएफ के सिपाही साजिद अली उसे फंसाने के लिए फर्जी तरीके से पिस्टल के साथ गिरफ्तारी दिखा रहे हैं। गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर ले जाने के बाद इलाहाबाद में जमकर पिटाई की गई। इससे उसकी हालत खराब हो गई है।