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प्रतापगढ़: एकता महोत्सव में सुर-लय-ताल का संगम

Thu, 07 Mar 2019 12:55 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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एकता महोत्सव - फोटो : प्रतापगढ़
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 24वें राष्ट्रीय एकता महोत्सव की समापन संध्या पर मंगलवार को कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां से लोगों को मन मोह लिया। महुआ सुर संग्राम के विजेता व भोजपुरी स्टार मोहन राठौर ने ने सभी का दिल जीत लिया ।
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रात नौ बजे संस्कृति मंच पर मोहन राठौर की आते ही हुई दर्शक खुशी से झूम उठे। उन्होंने ‘हे भोला भंगिया धतूरा व निमिया के डार मइया मोरी’ और ‘होली खेलत रंगवा अबीर’, ‘क्या से क्या हो गए देखते देखते’ व ‘जैसे सोचत रहनी वैसे संइया मोर बानी’ प्रस्तुत कर युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। मोहन राठौर की साथी कलाकार वाराणसी की तान्या सिंह व सोनाक्षी का नृत्य दर्शकों को खूब पसंद आया। गायिका ज्योति माही ने ‘कोयल बिन बगिया न सोहे राजा’ सुनाकर लोगों को मन मोहा।

गायिका स्वाती निरखी ने ‘समझो हो गई होली’ व ‘सखियन संग जनक दुलारी अवध मा मार रही पिचकारी’ जैसे गीतों पर फूलों की होली खेली गई तो बरसाने की होली की याद तरोताजा हो गई। संस्कृति सेवा संस्थान लखनऊ के कलाकारों ने देशभक्ति व राष्ट्रीयता का जोश भरने वाला कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
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कलाकारों ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों की याद ताजा कर दी। वहीं कादिरा खान व रुचि श्रीवास्तव ने भी अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को प्रभावित किया। पार्श्व गायक रवि त्रिपाठी ने अपने गीतों से लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकार चंद्रकांत पांडेय, वंदना गुप्ता, जगन्नाथ यादव, मनोज मिडिल, अरुण विश्वकर्मा के भजन व गीत को दर्शकों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम का संचालन राहुल चावला ने किया। महोत्सव की संयोजक विधायक आराधना मिश्रा मोना ने मोहन राठौर को एकता सम्मान 2019 प्रदान किया। इस मौके पर विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, अंबिका मिश्र, डॉ. विजयश्री तिवारी सोना भी मौजूद रहे। 
 
देश की रक्षा के लिए हर भारतीय एकजुट

बाबा धाम में 24वें राष्ट्रीय एकता महोत्सव पर बतौर मुख्य अतिथि वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक अक्षुणता में वह क्षमता है कि हम बौद्धिक क्षेत्र में आज दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं।

विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह ने कहा कि शांति और अमन के साथ विकास ही हमारे देश की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है। कार्यक्रम की अध्यक्ष क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य आपसी एकता व भाईचारे की बनाए रखने के साथ ही देश की संस्कृतियों को एक दूसरे से परिचित कराना है।

समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए मनोज त्रिपाठी, डॉ. शक्तिधर नाथ पांडेय, डॉ. पूर्णिमा मिश्रा, डॉ. वकील अहमद, अचलेश सिंह, अनुज सिंह, श्रीकांत वर्मा को सम्मानित भी किया गया। सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए स्व. श्रीकांत मिश्र के मरणोपरांत एकता सम्मान उनके बेटे राजू मिश्र को दिया गया। संचालन मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने किया।  
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