मोबाइल रिचार्ज की दुकान पर शुक्रवार दोपहर वाणिज्य कर विभाग की टीम ने छापेमारी की। जिससे कस्बे में हडक़ंप मच गया। वीडियोग्राफी के बीच टीम चार घंटे तक जांच पड़ताल करती रही। एक ही दुकान के पते पर तीन फर्म काम कर रही थीं। अभिलेखों को जब्त करने के बाद टीम लौट गई। इस कार्रवाई के बाद बड़े कारोबारी सकते में दिखे।
पट्टी बाजार में शुक्रवार को वाणिज्य कर विभाग की टीम ने मोबाइल रिचार्ज कूपन की एजेंसी चलाने वाले रवि जायसवाल की दुकान पर छापा मारा। कार्रवाई की अगुवई संयुक्त कमिश्रर मोनू तिवारी कर रहे थे। वीडियोग्राफी के बीच स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में एजेंसी की छानबीन टीम करने लगी। छापेमारी की खबर मिलते ही बाजार के बड़े व्यापारी हैरत में पड़ गए।
कार्रवाई के भय से हडक़ंप मचा रहा। चार घंटे तक टीम अखिलेखों को खंगालते हुए रवि जायसवाल से पूछताछ करती रही। एसटीएफ व एसआईवी टीम की संयुक्त छापेमारी की जानकारी देते हुए संयुक्त कमिश्रर मोनू तिवारी ने बताया कि विभाग व पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर छापेमारी की गई। यह छापेमारी मोबाइल रीचार्ज सेंटरों पर ही की जा रही है। छापे में यह पता करने की कोशिश हो रही है कि ट्रांजेक्शन सही किए जा रहे हैं कि नहीं।
आय का टैक्स अदा किया जा रहा है। काली कमाई रिचार्ज की एजेंसी में तो नहीं लगाई गई है। अभिलेखों का जायजा लेने में समय तो लगता ही है। जो जांच लायक अभिलेख नजर आए हैं, उन्हें जब्त कर लिया गया है। जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे। जांच में यही बात सामने आई है कि एक ही पते पर तीन फर्म संचालित की जा रही हैं, जो वैधानिक नहीं है।
इसी पते पर रिंकू ब्रदर्स, अन्वी ट्रेडर्स व एलजीएस ग्रुप के कारोबार चल रहे हैं। छापेमारी के दौरान डीके सिंह डिप्टी कमिश्रर, मुकेश कुमार डिप्टी कमिश्रर, हेमंत कुमार गौतम डिप्टी कमिश्रर, सत्यव्रत व रामानुज असिस्टेंट कमिश्रर मौजूद रहे।
छापेमारी से सहमे रहे व्यापारी
नगर में वाणिज्य कर विभाग की छापेमारी के दौरान व्यापारियों में खलबली मची रही। दुकान के भीतर प्रवेश की पाबंदी व पुलिस बल की मौजूदगी के कारण व्यापारी दूर से कार्रवाई देखते रहे। कुछ व्यापारियों ने तो भय में अपनी दुकानें ही बंद कर दीं।