लखनऊ में फांसी लगाकर खुदकुशी करने वाले पीएसी के सिपाही का शव गांव पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। मायके से पहुंची पत्नी और बच्चे शव देख बिलख पड़े। सिपाही ने रविवार की शाम पत्नी को वीडियो कालिंग करके फांसी लगाने की बात कही। बाद में जानकारी पर रिश्तेदार पहुंचे तो वह फांसी लगा चुका था। सोमवार को उनका शव घर पहुंचा तो परिजनों में चीखपुकार मच गई।
बाघराय थाना क्षेत्र के पवांसी गांव निवासी राजेश पांडेय पीएसी की 35 बटालियन में सिपाही के पद पर तैनात थे। पत्नी कुसुम के साथ बेटा हर्ष और बेटी श्रेया भी वहीं रहती थी। इन दिनों पत्नी बच्चो के साथ अपने मायके बाबूगंज आई थी।
रविवार की शाम राजेश ने पत्नी को वीडियो काल की। इसके बाद फोन बिस्तर पर रखकर आत्महत्या करने की बात करते हुए तैयारी करनी शुरू कर दी। इस पर पत्नी ने तुरंत फोन काट कर अपने रिश्तेदार को फोन किया।
रिश्तेदार के पहुंचने तक राजेश फांसी लगा चुके थे। इसके चलते उनकी मौत हो गई। इंस्पेक्टर पीजीआई इस मामले की छानबीन कर रहे हैं। मूल रूप से प्रतापगढ़ के बाघराय क्षेत्र के पवांसी गांव निवासी सिपाही राजेश पांडेय हमेशा लखनऊ में ही निवास करते थे।
पैतृक गांव पवांसी बहुत कम आना-जाना था। सोमवार शाम 4 बजे उनके पैतृक गांव शव पहुंचा तो परिजनों में चीखपुकार मच गई। पिता ओमप्रकाश पांडेय पुलिस से सेवानिवृत्त हैं। बेटे का शव देख वह अचेत हो गए। चाचा राकेश पांडेय और भाई अखिलेश पांडेय का भी रो-रो कर बुरा हाल है। शव आने के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ लगी रही।