सांगीपुर इलाके में सई नदी में सगी बहनों के शव मिलने की घटना का खुलासा न होने पर बुधवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग को लेकर बसपा नेताओं के साथ लोग सड़क पर उतर गए और परिजनों के साथ अष्टभुजानगर मोड़ पर जाम लगा दिया।
लोगों ने चार घंटे तक प्रदर्शन कर पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता की भी मांग की। एसडीएम के हर संभव मदद के आश्वासन पर लोग सड़क से हटने के लिए तैयार हुए। इस दौरान सिटी प्रतापगढ़ और शहर का रास्ता अवरुद्ध रहा।
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ निवासी सुभाष राव की बेटी शिवांगी व अंजलि की लाश मंगलवार की सुबह सांगीपुर के कुंभापुर घाट पर सई नदी में मिली थी। आधी रात बाद सदर विधायक राजकुमार पाल समेत पुलिस अफसरों के समझाने पर दोनों बहनों के शव का अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट प्रयागराज में कर दिया गया।
बुधवार दोपहर दोनों बहनों की मौत में पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर चलो गांव की ओर, बहुजन मुक्ति मोर्चा और बसपा नेता चकबनतोड़ पहुंचे। परिजनों से बातचीत करने के बाद बड़ी संख्या में जुटे लोगों के साथ उन्होंने अष्टभुजानगर मोड़ पर पहुंचकर जाम लगा दिया। लोग घटना की मजिस्ट्रेटी जांच, परिजनों को 50 लाख की आर्थिक मदद, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस, दो बीघा जमीन और आवास देने की मांग करने लगे।
पुलिस अफसरों ने सभी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। मौके पर सीओ सिटी अभय पांडेय, सीओ लालगंज रमेशचंद्र समेत भारी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंच गए। करीब चार घंटे बाद पहुंचे एसडीएम सदर विजयपाल सिंह ने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, जिसके बाद लोगों ने जाम समाप्त किया।
विधायक के खिलाफ नारेबाजी, दो दिन का अल्टीमेटम
प्रतापगढ़। बहनों के शवों की अंत्येष्टि रात में कराने से नाराज लोगों ने सदर विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि दो दिन के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे फिर आंदोलन करेंगे। शहर के अष्टभुजानगर में सिटी प्रतापगढ़-मीराभवन मार्ग पर जाम लगाने के दौरान लोग पुलिस के रवैये से आक्रोशित थे। उनकी पुलिस अफसरों से तीखी नोकझोंक भी हुई। हर कोई पुलिस व सदर विधायक राजकुमार पाल से नाराज दिखा। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि रात में दबाव बनाकर शवों का क्यों अंतिम संस्कार कराया गया।
सगी बहनों के पिता और मोबाइल दुकानदार के बीच पहले से है जान-पहचान
मृत सगी बहनों के पिता सुभाष राव व लालगंज के मोबाइल दुकानदार सुरेश के बीच पहले से जान पहचान होने की बात सामने आ रही है। पुलिस की टीम लगातार सुरेश से पूछताछ कर रही है। दोनों के मोबाइल नंबरों की छानबीन के बाद अहम क्लू हाथ लगे हैं।
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ निवासी सुभाष राव की बेटी शिवांगी और अंजलि सोमवार को स्कूल से गायब हो गई थीं। इस मामले में नगर कोतवाली मेें बाबा चिंतामणि ने अज्ञात लोगों द्वारा दोनों को अगवा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मंगलवार को दोनों बहनों का शव सांगीपुर के कुंभापुर घाट पर सई नदी में मिला था। जिसके बाद हडक़ंप मच गया।
मौके पर पहुंचे एसपी अभिषेक सिंह ने गहनता से छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। दोनों की मौत पानी में डूबने से होने की बात सामने आई। रात में ही शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिवांगी व अंजलि के पिता सुभाष और लालगंज के खालसा सादात के रहने वाले मोबाइल दुकानदार सुरेश के बीच पहले भी बातचीत होती रही है। दोनों एक दूसरे के परिचित हैं। ऐसा मोबाइल से होने वाली बातचीत के दौरान सामने आया है।
जिसके मद्देनजर पुलिस लगातार सुरेश को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस की पूछताछ में सुरेश लगातार बयान बदल रहा है। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि हर स्तर पर छानबीन की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों बहनों ने एक साथ जान क्यों दी। जल्द ही पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंच जाएगी।
मीराभवन चौराहे के समीप जाम लगाये मृत बेटियों के परिजनों को समझाते सीओ अभय पांडेय।- फोटो : PRATAPGARH
नगर कोतवाली के अष्टभुजानगर मोड़ पर जाम लगाकर धरने पर बैठे चकबनतोड़ के ग्रामीण व परिजन।- फोटो : PRATAPGARH
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ गांव में मृत बहनों के बिलखते परिजन।- फोटो : PRATAPGARH
नगर कोतवाली के चकबनतोड़ गांव में मृत बहनों के गमगीन पिता को समझाते परिवार के लोग।- फोटो : PRATAPGARH