अधिवक्ताओं के आंदोलन के आगे प्रशासन को आखिरकार झुकना ही पड़ गया और एसडीएम मोहनलाल गुप्ता कुंडा को हटा दिया गया। उनकी जगह पर अब जलरंजन चौधरी को चार्ज दिया गया है। इस बाबत जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने आदेश भी जारी कर दिया है। 18 दिनों से तहसील में में चल रही अधिवक्ताओं की हड़ताल अब शायद खत्म हो जाएगी। हड़ताल के कारण वादकारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
तहसील के अधिवक्ताओं पर एसडीएम मोहनलाल गुप्ता ने मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसके चलते अधिवक्ता आक्रोशित हो गए थे। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसील में पूर्ण तालाबंदी करने के साथ ही गेट पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। अधिवक्ताओं का आरोप था कि एसडीएम की कार्यशैली ठीक नहीं थी। वह आए दिन अधिवक्ताओं पर टिप्पणी करते थे।
काम करने में आनाकानी करने के साथ ही मामलों को उलझा देते थे। इसके चलते अधिवक्ता लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि शनिवार रात में ही एसडीएम के ट्रांसफर होने की सूचना मिल गई थी। लेकिन इसकी पुष्टि रविवार को हुई। एसडीएम के स्थानांतरण से आम लोगों ने भी हड़ताल खत्म होने की आशा में खुशी जताई है।