मुंबई से तीन-तीन हजार रुपये में ट्रक बुक कर घर आ रहे 57 लोगों को प्रदेश की सीमा पर रोक लिया गया। सभी को गोशाला में रख दिया गया। दो दिनों बाद मौका पाकर सभी भाग निकले। जबकि उनका एक साथी गायब हो गया। किसी तरह रविवार को सभी घर पहुंचे।
कंधई थाना क्षेत्र के अमसौना, गंगेहटी, जैतीपुर, कंसापट्टी, रमईपुर, सरसतपुर, साल्हीपुर कंजास समेत आसपास के गांवों के 57 लोग मुंबई में फंसे थे। छह दिन पहले सभी ने तीन-तीन हजार रुपये में एक ट्रक बुक किया और उससे प्रतापगढ़ के लिए रवाना हुए। महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश होते हुए ट्रक एमपी व यूपी की सीमा पर पहुंचा।
ट्रक में सवार धर्मराज, देवेंद्र कुमार, पंकज, शोभनाथ, इंद्रमणि, सुशील व गिरधारी ने बताया कि ललितपुर की सीमा पर सभी को रोक लिया गया। उन्हें ट्रक से उतारकर गांव की एक गोशाला में रहने का फरमान पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने सुना दिया। सभी गोशाला में रुक गए। वहां खाना तो दूर शुद्ध पानी का भी इंतजाम नहीं था।
दो दिन किसी तरह काटने के बाद रात में सभी वहां से भाग निकले। उनका एक साथ मोतीलाल वहीं छूट गया। किसी तरह सभी प्रयागराज पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने उनकी बातों को सुना। इसके बाद खाने-पीने का इंतजाम कराया। इसके बाद घर तक पहुंचाने के लिए रोडवेज बस में बैठा दिया। रविवार दोपहर बस चालक ने सदर बाजार में सभी लोगों को नीचे उतार दिया।
जिसे लेकर परदेसियों व चालक में तकरार होने लगी। पुलिसकर्मियों ने चालक व कंडक्टर से सभी को घर तक पहुंचाने के लिए कहा था, लेकिन उसने शहर में उतार दिया। फिलहाल कुछ लोगों ने सभी को नाश्ता पानी का प्रबंध कराया। इसके बाद सभी पैदल घर के लिए रवाना हो गए।