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प्रतापगढ़: ट्रक चालक की हत्या में 23 नामजद, तीन अज्ञात पर केस

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लालगंज के बाबूतरा में पसरा सन्नाटा। - फोटो : PRATAPGARH
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लालगंज के खेमसरी में जमीन विवाद को लेकर ट्रक चालक कमलेश सरोज की गोली मारकर हुई हत्या के मामले में परिजनों ने 23 नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उधर, पुलिस ने पूछताछ के लिए छह लोगों को उठाया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
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लालगंज के खेमसरी गांव में सोमवार की शाम छह बजे जमीन विवाद में चचेरे भाइयों के बीच जमकर मारपीट हो गई थी। मारपीट के दौरान चचेरे भाई ने ट्रक चालक कमलेश सरोज (38) की पीठ में तमंचे से गोली मार दी। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने रात में ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना में मृतक के पिता व बहनोई भी घायल हो गए थे। मामले में कमलेश सरोज की पत्नी गुड़िया ने देर रात कोतवाली में तहरीर देकर कहा कि जमीनी विवाद में राजाराम सरोज ने उसके पति की गोली मारकर हत्या कर दी।
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पीड़िता ने पूर्व प्रधान अमर बहादुर सिंह पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी राजाराम सरोज, राजकुमार, साहिल, सुमित, रामराज सरोज, मुकेश, राकेश, अशोक, प्रशांत, अयोध्या, लालती, मालती, दीपा सरोज, रूपा सरोज, निशा देवी, अनारा देवी, दर्शना सरोज, छब्बू सरोज, पुछवा सरोज, हिमांशी, पूर्व प्रधान अमर बहादुर सिंह व अमेठी जिले के संग्रामपुर निवासी प्रदीप कुमार समेत तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
घटना के बाद आरोपी गांव छोड़कर फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के छह करीबियों को पूछताछ के लिए उठाया है। एएसपी पश्चिमी दिनेश ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
प्रभारी निरीक्षक की लापरवाही से भाग निकले हत्यारोपी
खेमसरी में ट्रक चालक की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी व उसके परिजन पुलिस की लापरवाही के चलते फरार हो गए। कोतवाली से सिर्फ दो किलोमीटर की दूरी पर हुई घटना की जानकारी प्रभारी निरीक्षक राकेश भारती को तत्काल दी गई थी, लेकिन घटना को मामूली समझ उन्होंने डायल 112 को गांव भेज दिया। वहां पहुंचने पर बताया गया कि गोली लगने से ट्रक चालक की मौत हो गई है। तब जाकर कोतवाल की नींद टूटी। जिसके बाद आननफानन में फोर्स के साथ वह मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
बाबूतारा गांव में पसरा है सन्नाटा
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा गांव में पुलिस की पिटाई से वृद्ध मो. मकबूल की मौत के बाद सन्नाटा पसरा है। उसके परिवारीजन खौफजदा हैं। गांव में दो दिन तक चले बवाल के बाद सांगीपुर के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद सिंह व दो उपनिरीक्षक समेत सात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने के साथ घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए थे। परिजनों में पुलिस का खौफ अब भी बरकरार है। उनका आरोप है कि लाइन हाजिर होने के बाद भी आरोपी पुलिसकर्मी सांगीपुर थाने में ही डटे हुए हैं। इससे उन्हें खतरा है। पीड़ित परिवार ने खुद को घर में कैद कर लिया है।
धर्म परिवर्तन कराने के आरोपियों पर पुलिस मेहरबान, कोतवाली का घेराव
धर्म परिवर्तन व आपत्तिजनक टिप्पणी का मुकदमा दर्ज करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज लोगों ने मंगलवार को कोतवाली का घेराव किया। इस दौरान लोगों ने पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाया। लालगंज कोतवाली के बोधी सिंह का पुरवा निवासी अंकित सिंह ने बीते आठ सितंबर को रायपुर तियांई में छह नामजद व कुछ अज्ञात के खिलाफ धर्म परिवर्तन कराने व धर्म विशेष को लेकर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। केस दर्ज करने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। मंगलवार को अंकित सिंह उर्फ बच्चा की अगुवाई में बजरंग दल व भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसके विरोध में कोतवाली का घेराव किया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अंकित सिंह ने कहा कि धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मामले में कोतवाल लीपापोती कर रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई में देरी की तो सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर बजरंग दल सुरक्षा प्रमुख सुरेश सिंह, विष्णु, शुभम सिंह, शिवम मिश्र, महेंद्र शर्मा, राहुल सिंह, पंकज मिश्र आदि मौजूद रहे।

लालगंज के बाबूतरा में सहमे मृतक के परिजन।- फोटो : PRATAPGARH

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