सदर बाजार में सई नदी किनारे स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट।
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शहर में सीवर लाइन बिछाने और ट्रीटमेंट प्लांट से पानी फिल्टर करके सई नदी में गिराने की तैयारी आधी-अधूरी होने से 16 करोड़ रुपये मिट्टी में मिल गए । शहर में पाइप बिछाने कार्य भले ही पूरा नहीं हुआ है, मगर 7.71 करोड़ का भुगतान हो गया है। लापरवाही का आलम यह है कि दस साल से ट्रीटमेंट प्लांट चालू करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया।
वर्ष 2008 में शहर में पाइप लाइन बिछाने के लिए कार्यदायी संस्था जलनिगम ने मुंबई की एक फर्म को ठेका दिया। शहर के 12.472 किमी परिधि में पाइप लाइन बिछाने का कार्य प्रारंभ हुआ, मगर वर्ष 2009 में बंद हो गया। शहर में पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा तो नहीं हुआ, मगर 7.71 करोड़ रुपये का भुगतान हो गया।
शहर में पाइप खुदाई का कार्य चल ही रहा था कि कि वर्ष 2009 में सई तट पर ट्रीटमेंट प्लान भी स्थापित हो गया। शहर के अष्टभुजानगर स्थित टीएस सिंह को भारतीय लेखा परीक्षा और ल ेखा विभाग से जनसूचना अधिकार के माध्यम से मिली जानकारी में खुलासा हुआ है कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लान में अभी तक 16 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
मगर योजना अभी तक पूर्ण नहीं हुई है। आश्चर्य की बात तो यह है कि ट्रीटमेंट प्लान 15 मार्च 2010 को प्रारंभ होना था, मगर दस साल का समय बीतने के बाद भी नेताओं और अफसरों ने अभी तक कोई पहल नहीं की है।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पूर्व में जो बजट मिला था, वह खत्म हो गया है। 13 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। बजट मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
घनश्याम द्विवेदी, अधिशासी अभियंता, जलनिगम
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण की जिम्मेदारी जलनिगम को दी गई थी, मगर अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद नगरपालिका को हैंडओवर करना था। निर्माण कार्य से हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है।
मुदित सिंह, ईओ, नगर पालिका