श्रमिक स्पेशल ट्रेन में आए लोग
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गुजरात के साबरमती से स्पेशल ट्रेन से जंक्शन पहुंचे श्रमिकों को आधी रात तक घर भेजने का सिलसिला जारी रहा। गुजरात प्रशासन की सूची से अधिक परदेसी स्पेशल ट्रेन से पहुंचे थे। श्रमिकों की सूची से मिलान न होने पर अफसर हलाकान रहे। कोच में सवार दूसरे लोगों से पूछताछ के बाद सभी को बसों से उनके घरों को रवाना किया जा सका।
गुजरात के साबरमती से श्रमिकों को लेकर बुधवार को जंक्शन पर स्पेशल ट्रेन पहुंची थी। गुजरात प्रशासन की ओर से 1172 श्रमिकों की सूची भेजी गई थी। जिनके हिसाब से प्रशासन ने श्रमिकों को घरों तक पहुंचाने का इंतजाम किया था।
तीन घंटे विलंब से पहुंची स्पेशल ट्रेन में 1248 श्रमिक सवार थे। जिन्हें लेकर प्रशासन हलाकान रहा। इनमें से कई लोगों के पास टिकट भी नहीं था। ऐसे में उनकी गहनता के साथ छानबीन के बाद ही बसों में बैठाया गया।
ऐसे बहुत से लोग थे जिन्हें अंतिम दौर में गुजरात पुलिसकर्मियों ने ट्रेन के कोचों में घुसा दिया था। उन्हें लेकर अफसर हलाकान रहे। रातभर एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता, सीओ सिटी अभय पांडेय, सीओ रानीगंज डा. अतुल अंजान त्रिपाठी समेत अन्य कर्मचारी व फोर्स मौजूद रही।
प्लेटफार्म होता रहा सैनिटाइज
रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार दुबे की देखरेख में सैनिटाइज करने का कार्य होता रहा। साफ-सफाई के साथ ही श्रमिकों को लेकर आने वाली दूसरी ट्रेन की व्यवस्था में रेलकर्मी जुटे रहे।
खौफजदा दिखे रेलकर्मी व मोहल्ले के लोग
गुजरात से आने वाली स्पेशल ट्रेन से आए श्रमिकों को लेकर रेलकर्मी व मोहल्ले के लोग खौफजदा दिखे। चूंकि बसों को रेलवे कालोनी में लगवाकर श्रमिकों को बैठाया गया था। घरों के भीतर से दुबक कर लोग नजारा देखते रहे। गुरुवार को नगर पालिका की टीम स्टेशन रोड को सैनिटाइज करने पहुंची।