अधिवक्ता पुत्र अजीत का थप्पड़ खाने के बाद आपा खो बैठा। अजीत के लडख़ड़ा रहे हाथों से पिस्टल छीनकर उसके पेट व सिर में करीब से गोलियां उतार दी। इसके बाद बदहवास होकर घटनास्थल से भागकर घर पहुंचा।
पुलिस के आने जाने का सिलसिला प्रारंभ होते ही वह भाग निकला। परिवार के सदस्यों पर पुलिस के दबाव के बाद वह खुद कोतवाली पुलिस को सरेंडर कर दिया।
नगर कोतवाली के सिटी निवासी अधिवक्ता कृष्ण कुमार वर्मा के बेटे अजीत वर्मा की लाश शुक्रवार की सुबह बड़नपुर गांव में खेत के करीब मिली थी। उसके पेट व सिर में गोलियां मारी गई थी। मौके से बिरियानी, शराब की बोतल, तंदूरी रोटी व एक खोखा भी बरामद हुआ था।
इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस घटना का खुलासा करने के लिए हाथ पैर मारती रही। शंका के आधार पर पुलिस ने बड़नपुर निवासी संदीप सिंह पर शिकंजा कसा। हालांकि वह घर से फरार था। जबकि वह अजीत का जिगरी दोस्त था। परिवार के लोगों पर पुलिस ने दबाव बनाया। परिणाम यह रहा कि अधिवक्ता पुत्र का हत्यारोपी संदीप शनिवार की देर रात कोतवाली पहुंचकर सरेंडर कर दिया।
जिसके बाद पुलिस उससे पूछताछ करने लगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार संदीप ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। रात में दोनों ने पहले जमकर शराब पी। खाना भी खाया, कुछ खाना बच भी गया था क्योंकि दो दोस्त खाना व शराब देकर जरूरी काम से चले गए थे। नशा चढने पर अजीत पिस्टल से फायर कर दिया और मना करने पर गाली देने लगा।
इस दौरान एक थप्पड़ उसे मार दिया और उसकी ओर पिस्टल तान दी थी। जिससे वह डर गया और उसके लड़खड़ा रहे हाथों से पिस्टल छीन ली। उसकी ओर अजीत बढ़ने लगा। जिसके बाद उसने करीब से पेट में गोली मार दी। उसके गिरने के बाद फिर सिर में गोली मारी। तड़प रहे अजीत को छोड़कर वह भाग निकला। संदीप ने बताया कि दोस्तों के सामने अक्सर अजीत उसे नीचा दिखाने का प्रयास करता था।
नगर कोतवाल ने बताया कि हत्यारोपी से घटना की हकीकत का पता करने के साथ ही मृतक का मोबाइल व पिस्टल बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि पिस्टल व मोबाइल भी बरामद होगा।