महकनी और कटैया में सितंबर से पांच-पांच एमवीए क्षमता के दो नए विद्युत उपकेंद्र शुरू होने के आसार हैं। निर्माण के लिए शासन से 10 करोड़ रुपये का बजट मिला है। नए उपकेंद्रों के बनने से 45 गांवों की 40 हजार आबादी को राहत मिलेगी। विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण कार्य का जिम्मा सेकेंड्री वर्क्स को दिया गया है।
महकनी व आसपास के गांवों में अभी तक भुपियामऊ विद्युत उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है। वहीं, कटैया को रानीगंज अजगरा उपकेंद्र से बिजली मुहैया कराई जाती है। अधिक उपभाेक्ता होने से भुपियामऊ और रानीगंज अजगरा उपकेंद्र के फीडरों पर लोड अधिक बढ़ गया है।
इसके चलते गांवों की बिजली आपूर्ति भी बाधित होती है। इस समस्या को देखते हुए शासन ने नए उपकेंद्रों के निर्माण को मंजूरी दी है। कटैया उपकेंद्र बनने से कोड़रा मादूपुर, तेजगढ़ समेत 25 गांवों को सहूलियत होगी। महकनी उपकेंद्र से आसपास के करीब 20 गांवाें के उपभाेक्ताओं को बिजली मिलेगी।
मोहनगंज बाजार के दुकानदार पुनीत तिवारी ने बताया कि फाल्ट के चलते बार-बार बिजली गुल होती थी। नए उपकेंद्र के निर्माण से फीडर पर लोड कम होगा।
सराय आना देव निवासी पवन जायसवाल ने बताया कि अघोषित बिजली कटौती से गर्मी में दिक्कत होती है। लोड के चलते फाल्ट की समस्या होती है। नए उपकेंद्र बनने से रानीगंज अजगरा उपकेंद्र पर लोड कम होगा।
वर्जन:-
दोनों विद्युत उपकेंद्राें का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। शासन से बजट स्वीकृत हो चुका है। दो नए उपकेंद्र बनने से ग्रामीण अंचल के उपभोक्ताओं को अघोषित बिजली कटौती का सामना नहीं करना होगा। करीब 45 गांवों के उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मुहैया हो सकेगी।
छैल बिहारी, अधीक्षण अभियंता