बिजली विभाग ने चोरों के सामने हथियार डाल दिए हैं। बिजली चोरी रोकने के लिए अधिकारी अब उपभोक्ताओं की शरण में हैं। वर्ष 2016 तक ग्रामीणों को 18 व शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली मिलेगी। मगर, यह सब तब होगा जब बिजली चोरी पूरी तरह रुकेगी। यह काम जनता के सहयोग बिना संभव नहीं है। मौजूदा समय में विद्युत बिल के ब्याज पर 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। इसका लाभ उठाने के लिए लोग आगे नहीं आ रहे। यह छूट नियामक आयोग ने शर्त के तहत दी है। शर्त के मुताबिक आने वाले तीन वर्षों में बिजली बिल पर छूट की कोई योजना अब नहीं आएगी।
इलाहाबाद मंडल के अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय आरके शर्मा ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में कहा कि जिले में 37 प्रतिशत से अधिक लाइन लॉस यानी चोरी के साथ दिन में जल रहे बल्बों की वजह से बिजली बर्बाद हो रही है। बिजली की इसी बर्बादी को रोकने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने समाज के हर व्यक्ति से आगे आने का आह्वान किया। कहाकि नियामक आयोग के निर्देश यह भी हैं कि जिस ट्रांसफार्मर पर बकाएदार उपभोक्ता हों वहां ट्रांसफार्मर खराब होने पर बदला न जाए। अब बिजली संबंधी शिकायतों के लिए लोगों को विद्युत बिल की फोटोस्टेट प्रति लगानी पड़ेगी। इससे यह पता चलेगा कि शिकायतकर्ता उपभोक्ता है या नहीं। यदि उपभोक्ता नहीं होगा तो आपूर्ति सम्बंधी उसकी शिकायतों को विभाग तवज्जो नहीं देगा। यहां यह बताना जरूरी है कि बिल पर 100 प्रतिशत ब्याज के लिए 10 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन कराने वालों को 25 जनवरी तक योजना के तहत बिल जमा करने पर लाभ मिलेगा। अधीक्षण अभियंता इलाहाबाद मंडल ने कहा कि वैध उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी है कि क्षेत्र में बिजली चोरी न होने दें। चोरी करने वालों की शिकायत करें। क्योंकि चोरी करने वाले कनेक्शनधारी उपभोक्ता का हक मारते हैं।