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आधी रात के बाद बिजली गुल, तड़पे शहरी

Tue, 17 May 2016 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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बिजली संकट - फोटो : अमर उजाला
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उपकेंद्रों और ट्रांसफार्मरोें की क्षमता बढ़ाए जाने के बावजूद शहर में बिजली का संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। लाइट रहने के बावजूद आपूर्ति बद से बदतर हो गई है। सोमवार को आधी रात के बाद बिजली गुल होने से शहरी तड़प उठे। शहर अंधेरे में डूब गया। पता चला कि भुपियामऊ के पास शार्टसर्किट के कारण ऐसा हुआ। रात आठ से दस के बीच में पांच बार बिजली गई। मगर इसमें सुधार करने की जरूरत जिम्मेदारों ने नहीं समझी। छठी बार लाइट एकदम से चली गई।
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भीषण गरमी में दोपहर की कटौती झेलने के बाद रात को 8 बजे लाइट आई तो शहरियों ने राहत की सांस ली। लोग घरों के अंदर बैठ भी नहीं पाए थे कि लाइट गुल हो गई। उसके थोड़ी देर बाद फिर आई गई, आई फिर गई। यह क्रम रात दस बजे तक चला। पता चला कि भुपियामऊ के पास तार में गड़बड़ी के कारण ऐसा हो रहा है। शहर के जेई और एसडीओ मौके पर न जाकर मोबाइल के जरिए गड़बड़ी ठीक करवाने की कोशिश करते रहेे। समस्या दूर नहीं हो पाई कि अधिकारियों की गैरमौजूदगी की वजह से काम करने वाले कर्मचारी भी खिसक लिए।

रात करीब 11 बजे के बाद जब लाइट नहीं आई तो ऊंचे रसूख से ताल्लुक रखने वालों ने फोन पर बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों की खबर ली। तब जाकर बिजली ठीक हुई। उसके कुछ देर बाद मालगोदाम रोड का ट्रांसफार्मर फुंक गया। जिससे लाइट चली गई। फिर आधे घंटे बाद आई। इस तरह पूरी तरह लोगों की रात जागते हुए बीती। मंगलवार को सुबह निर्धारित समय सात बजे बिजली कटौती हो गई। बारह बजे के बाद आई और आधे घंटे के बाद फिर कट गई। दोबारा तीन बजे आई। सवा चार बजे चली गई। इस तरह दिन में भी बिजली रहते हुए भी लोग ढाई घंटे बिना बिजली के रहे।
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बिजी मोड पर फोन डालकर अधिकारी हो जाते हैं गायब
रात में शहरी बिजली का संकट झेल रहे हैं। ऊपर से बिजली विभाग के अधिकारी शिकायत से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन बिजी मोड पर डालकर मुख्यालय से गायब रहते हैं। सोमवार की रात में जब बिजली कटौती हुई तो लोगों ने एक्सईएन, एसडीओ और जेई को मोबाइल पर फोन किया, मगर सब बेकार था। पता चला है कि शाम होते ही मुख्यालय के अधिकांश अधिकारी इलाहाबाद भाग जाते हैं। उनको डीएम का भी डर नहीं रहता है। शहरियों ने जिलाधिकारी से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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