कुंडा तहसील के 50 से अधिक पुरवों में आंधी-तूफान के आठ दिन बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। साथ ही रात के समय अंधेरे में गुजर-बसर करना मजबूरी है। मोबाइल और इनवर्टर बंद हाेने से ग्रामीणों की दिक्कत और अधिक बढ़ गई है।
बीते बुधवार को जिले में आंधी-तूफान से बिजली के सैंकड़ों खंभे, कई ट्रांसफाॅर्मर और हाईटेंशन लाइनों को नुकसान हुआ था। जिस कारण करीब 250 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। बिजली कर्मियों ने मरम्मतकर 200 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति को बहाल करा दी। जहां बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी है वहां ग्रामीणों की दिनचर्या बदल गई है।
मानिकपुर के चिरवाबाग, बबुल्लापुर, झाऊ का पुरवा समेत कई गांवों में लोग बिजली गुल होने से दिक्कत झेल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण अधिक परेशानी हो रही है। रात में नींद पूरी नहीं हो रही है। बिजली के खंभे व टूटे हुए तारों को दुरुस्त नहीं किया गया है। इस वजह से बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
एक्सईएन कुंडा आरके मिश्र ने बताया कि 24 घंटे के भीतर सभी गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि युद्ध पर कार्य पूरा कर बिजली आपूर्ति की जाएगी।