लोगो के पूंजी निवेश का धन जमा करने के एवज में हर 20 हजार रुपये पर सौ रुपये की रिश्वत की मांग करने वाले प्रतापगढ़ के कुंडा डाकघर के पोस्टल असिस्टेंट सूरज प्रसाद मिश्रा और सब पोस्ट मास्टर संतोष कुमार सरोज को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। सीबीआई की विशेष न्यायाधीश मधु डोगरा ने पोस्टल असिस्टेंट को तीन साल की कैद व 15 हजार रुपये व सब पोस्ट मास्टर को छह माह के साधारण कारावास व पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट में सीबीआई की ओर से बताया गया कि शिकायतकर्ता प्रभात कुमार सिंह ने 28 नवंबर 2019 को सीबीआई के पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनकी पत्नी शुभा सिंह प्रतापगढ़ के कुंडा डाकघर में कमीशन एजेंट थीं। वह लोगों की पूंजी डाकघर में जमा कराती थीं। 25, 26 और 27 नवंबर 2019 को वे पत्नी के साथ क्रमशः 99,400, 59,920 व 60,000 रुपये जमा कराने गए थे। पहले दो दिन आरोपियों ने पैसा जमा करने के एवज में 500 व 300 रुपये अधिक लिए।
विरोध पर आरोपियों ने कहा कि भविष्य में 20,000 रुपये जमा करने पर 100 रुपये का सुविधा शुल्क देना होगा अन्यथा काम बंद कर दें। यही नहीं, तीसरे दिन 300 रुपये की मांग की गई और धमकी दी गई कि शुल्क न मिला तो पूंजी जमा करने में बाधा डाली जाएगी। वादी की इस शिकायत पर सीबीआई की लखनऊ स्थित एंटी-करप्शन ब्रांच ने मामला दर्ज कर विवेचना की और 1 जनवरी 2020 को चार्जशीट दायर की थी। कोर्ट ने जनवरी 2021 को संज्ञान लेने के बाद छह मार्च 2024 को आरोप तय किए थे। सीबीआई ने सुनवाई के दौरान 14 गवाह पेश किए थे।