मेहनत मजदूरी करके अपना पेट भरने वाले मजदूरों के खाते में आनलाइन धनराशि भेजने का सिलसिला अभी नहीं थमा है। जिले के विभिन्न विभागों में पंजीकृत और बैंक में खाता खोलवाने वाले लाभार्थियों के खाते में पांच सौ से एक हजार रुपये भेजा जा रहा है। अभी तक दिहाड़ी मजदूरों को 71.21 लाख रुपये खाते में भेजे गए हैं। जबकि 17 ब्लाकों से सूची आने का अभी इंतजार है।
लॉकडाउन के चलते दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े, इसके लिए शासन उनके खाते में आनलाइन रुपये भेज रहा है। श्रमिक, जॉब कार्डधारक और विभिन्न योजनाओं के तहत पेंशन पाने वाले लाभार्थियों के खाते में एक-एक हजार रुपये और जनधन योजना के तहत खुले खातों में पांच-पांच सौ रुपये की पहली किस्त भेजी गई है। जिले में अभी तक 71.21 लाख रुपये इमदाद के तौर पर दिए गए हैं। जबकि गांव से ऐेसे लोगों की सूची अभी बीडीओ से तलब की गई है, जिनके खाते में एक-एक हजार रुपये की किस्त भेजी जानी है।
इधर, शासन ने जिले में गेहूं और चावल की भरपूर मात्रा उपलब्ध कराकर प्रत्येक परिवारों को लाभान्वित करने को कहा है। लॉकडाउन के दौरान खाने-पीने के लिए राशन की किल्लत न हो, इसके लिए व्यापक बंदोबस्त किए गए हैं। एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि दिहाड़ी मजदूरों की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए एक-एक हजार रुपये खाते में भेजे गए हैं। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में दूसरी किस्त जारी की जाएगी।