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प्रयागराज में भर्ती कोरोना पीड़ित जमातियों से मिलने पहुंच गए जिले के दो युवक, मचा हड़कंप

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रानीगंज इलाके की नरसिंहगढ़ मस्जिद में मिले कोरोना पीड़ित तीन जमातियों से मिलने के लिए जिले के दो युवक प्रयागराज के कोटवा बनी सीएचसी पहुंच गए। अस्पताल में दोनों को रोककर पूछताछ के बाद जिले के अफसरों को सूचना दी गई। इसकी जानकारी होने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। दोनों एक परिचित की कार लेकर गए थे। कंधई व नगर कोतवाली पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में क्वारंटीन कराया गया है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह जमातियों के लिए कपड़े लेकर गए थे। दोनों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। उधर, हिरासत में लिए गए एक युवक को संत एंथोनी में रखने पर हंगामा होने लगा। बाद में उसे प्राइमरी स्कूल में रखा गया।
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जिले के नरसिंहगढ़ में मस्जिद में रह रहे तब्लीगी जमात के तीन सदस्य कोरोना पीड़ित मिले थे। उन्हें इलाज के लिए प्रयागराज के कोटवा बनी स्थित सीएचसी में बने कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नगर कोतवाल ने बताया कि गुरुवार को शिवसत थाना कंधई निवासी अरमान अपने साथी समीर निवासी जिरियामऊ नगर कोतवाली के साथ परिचित की कार लेकर कोटवा बनी सीएचसी गए थे। लॉकडाउन के बाद भी दोनों ग्रामीण इलाके के रास्ते से कोटवा तक पहुंचने में कामयाब हो गए। दोनों को आइसोलेशन वार्ड के बाहर ही रोक लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे जमातियों को कपड़ा देने आए हैं। यह सुनते ही स्वास्थ्य कर्मचारी हैरत में पड़ गए। जिस स्थान पर पीपीई किट के बिना स्वास्थ्यकर्मी तक प्रवेश नहीं करते, वहां दोनों कोरोना पीड़ितों को कपड़ा देने पहुंच गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ करने के बाद प्रतापगढ़ के प्रशासनिक अफसरों को खबर देने के बाद दोनों को वहां से भगा दिया। सूचना मिलने के बाद जिले में दोनों की तलाश होने लगी। शुक्रवार की रात पुलिस ने अरमान को शिवसत से और समीर को जिरियामऊ से दबोच लिया। कंधई पुलिस ने अरमान को शिवसत के प्राइमरी स्कूल में क्वारंटीन कराया। समीर को लेकर कोतवाली पुलिस संत एंथोनी क्वारंटाइन केंद्र पहुंची। उसे देखते ही पहले से क्वारंटीन किए गए परदेसी हंगामा करने लगे। इस पर पुलिस उसे जिरियामऊ प्राइमरी स्कूल ले गई। वहां पुलिस की अभिरक्षा में उसे क्वारंटीन कराया गया। नगर कोतवाल ने बताया कि अरमान व समीर के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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कोटवा से लौटे अरमान व समीर ने गुरुवार की रात परिचित के घर बिताई थी। परिचित के घर कार खड़ी करने के बाद वहीं सो गए थे। ऐसे में पुलिस परिचित पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। अरमान व समीर की जांच कराने के बाद स्वास्थ्य विभाग परिचित व दोनों के मिलने जुलने वाले लोगों की भी जांच कराने की तैयारी में है।
आधी रात को कोतवाली पुलिस समीर को लेकर संत एंथोनी पहुंची। जिसे देखने के बाद पहले से रखे गए परदेसी हंगामा करने लगे। लोगों का कहना था कि हो सकता है वह कोरोना से संक्रमित हो तो दूसरे लोग भी चपेट में आ सकते हैं। इससे परेशान पुलिस ने समीर को एक कमरे में रखवा दिया। दरवाजे पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। शनिवार की सुबह पुलिस उसे जिरियामऊ ले गई। तब जाकर परदेसियों ने राहत की सांस ली।
जिले के दोनों युवक जिस कार से प्रयागराज गए थे उसका प्रशासन से पास जारी होने की भी चर्चा होती रही। हालांकि अफसरों ने इसकी पुष्टि नहीं की। नगर कोतवाल ने बताया कि हिरासत में लिए गए दोनों युवक यह बता रहे थे कि वह जिस कार से गए थे उसका पास बना था, लेकिन कार में पास नहीं मिला। उधर, एडीएम शत्रोहन वैश्य ने बताया कि पांच और छह तारीख में चालक इरशाद नाम से एक पास लखनऊ के लिए जारी हुआ था। पास के लिए आवेदन करने वाले ने यह बताया था कि उन्हें दवा लेने के लिए लखनऊ जाना है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि दोनों युवक इसी गाड़ी से गए थे।
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