सरकारी अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए कार और बंगले के मालिक गरीब बनकर आवेदनों की कतार में लग गए। सत्यापन में खुलासा होने पर करीब 884 आवेदन को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने निरस्त कर दिया है। कई आवेदकों की तो पूर्व में ही शादी हो चुकी है।
शासन ने पिछड़ा वर्ग की बेटियों की शादी के लिए शादी अनुदान योजना की शुरुआत की है। शहरी क्षेत्र की बेटियों के पिता की वार्षिक आय 56,460 और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 46,080 रुपये निर्धारित की गई है। योजना के तहत हर बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये की धनराशि खाते में ट्रांसफर की जाती है। इस बार 45,761 आवेदकों ने शादी अनुदान के लिए आवेदन किए हैं।
कार और बंगले के मालिक भी गरीब श्रेणी में शामिल होकर योजना का लाभ की फिराक में थे। हालांकि सत्यापन के दौरान पात्रता पूरी न करने वाले 884 आवेदनों को विभाग ने निरस्त कर दिया है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को कुल 45,761 आवेदन प्राप्त हुए थे। सत्यापन के बाद 2,856 आवेदनों की स्वीकृति दी गई है। अभी 794 आवेदन लंबित हैं। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी आशीष द्विवेदी ने बताया कि सत्यापन के बाद आवेदनों को निरस्त किया गया है।
ऐसे करें आवेदन
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेद को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण (निमंत्रण कार्ड) और बैंक खाते का विवरण भरना होता है। विवाह की तिथि से 90 दिन पहले और बाद में आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के बाद हार्डकॉपी विकास भवन स्थित पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में जमा करनी होती है।