जिले के सत्रह ब्लाकों के प्रमुखों के चुनाव में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सियासी दिग्गज अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा बैठे हैं। कई तो अपनों के निर्विरोध निर्वाचन के लिए पसीना बहा रहे हैं तो कई मुकाबले के लिए तैयारी में जुट गए हैं। करीबियों को कुर्सी पर बैठाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
जिले के कई सियासी दिग्गजों ने चुनाव में अपने करीबियों के साथ ही परिवार के लोगों को भी उतार रखा है। बीडीसी सदस्यों के सम्मान का दौर भी चल रहा है। मकसद सिर्फ एक है ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर कब्जा करना। पट्टी, रानीगंज में चुनाव को भागदौड़ तेज है। यहां से अभी तक कई संभावित प्रत्याशी दिन रात एक किए हुए हैं। सदर व संडवाचंद्रिका की सीट आरक्षित होने के कारण सियासी दिग्गज अभी तक किसी को अपना प्रत्याशी नहीं बना सके हैं। समर्थन देने को लेकर वे अभी ऊहापोह में हैं। कमोबेश यही हाल मानधाता में भी है।
भले ही प्रमुख की सीट अनारक्षित है लेकिन अभी तक किसी भी सियासी दिग्गज ने किसी भी संभावित प्रत्याशी को अपना समर्थन नहीं दिया है। कुंडा, बाबागंज विधानसभा में कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया और रामपुर खास विधानसभा में कांग्रेसी दिग्गज व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी अपने करीबी को ही ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर बैठाने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे। वैसे इन सियासी दिग्गजों के क्षेत्र में अधिकांश निर्विरोध प्रमुख चुने जाने की संभावना जताई जा रही है।