पोलिंग पार्टियों को रवाना करने में अफसरों को छूटा पसीना
अंतिम समय तक मतदान कार्मिक खेलते रहे लुका-छिपी का खेल
दो बजे तक 12 पीठासीन अधिकारियों ने नहीं ली थी ईवीएम
एफआईआर का फरमान जारी होने के बाद बस्ता लेने आए कर्मचारी
प्रतापगढ़। सदर विधानसभा उपचुनाव के 368 बूथों के लिए पोलिंग पार्टियों को रवाना करने में अफसरों को पसीना छूट गया। पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी करने से भागने वाले शिक्षकों की मुसीबतें उस समय बढ़ गईं, जब डीएम ने माइक थामा और बस्ता नहीं लेने वाले 12 पीठासीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। यह सुनने के बाद भी पांच शिक्षक तो आए, मगर उन्होंने असमर्थता बताकर ड्यूटी करने से इंकार कर दिया। हालांकि साढ़े तीन बजे तक आनन-फानन में सभी पार्टियों को रवाना कर दिया गया।
सदर विधानसभा में सोमवार को पड़ने वाले वोट के लिए रविवार को महुली मंडी से पोलिंग पार्टियां रवाना हुईं। सुबह आठ बजे से मतदान कार्मिकों के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। दोपहर बारह बजे के बाद सेक्टर मजिस्ट्रेट पोलिंग पार्टियों को रवाना करने में जुट गए। डीएम ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों से कह रखा था, कि जैसे ही पोलिंग के लोग एकत्रित हो जाएं, उन्हें फौरन बूथों के लिए रवाना कर दिया जाय। दोपहर दो बजे उस समय डीएम का पारा चढ़ गया, जब उन्हें जानकारी हुई कि 12 बूूथों के कर्मचारी तो हैं, मगर पीठासीन अधिकारी नहीं आए हैं। आश्चर्य की बात तो यह रही कि यह पीठासीन अधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग के हेडमास्टर थे। बीएसए ने माइक संभाला और गायब रहने वालों के खिलाफ एफआईआर कराने की बात कही। यह बात सुनते ही पांच पीठासीन अधिकारी पहुंचकर अपनी असमर्थता जताने लगे, डीएम ने एक भी नहीं सुना और सभी को बस्ता थमाकर बूथ पर जाने को कहा। हालांकि साढ़े तीन बजे तक नहीं आने कर्मचारियों के स्थान पर रिजर्व कर्मचारियों को तैनात कर पोलिंग पार्टियों को रवाना किया गया। चुनाव अधिकारी एसडीएम सदर विजयपाल सिंह ने बताया कि तैयारी दुरुस्त होने के कारण पोलिंग पार्टियों को भटकने का मौका नहीं मिला।
सीडीओ, एडीएम और बीएसए ने बहाया पसीना
पोलिंग पार्टियों को रवाना करने में अफसरों ने खूब पसीना बहाया। दोपहर दो बजे तक आधी पोलिंग पार्टियों के रवाना होने पर नाराज सीडीओ ने अफसरों की नकेल कसी,तो एडीएम शत्रोहन वैश्य, डायट प्राचार्य मो. इब्राहिम, बीएसए अशोक कुमार सिंह, डीडीओ सुदामा प्रसाद ने रिजर्व कर्मचारियों को पकड़-पकड़ कर मतदान कार्मिकों की पूर्ति कर पोलिंग पार्टियां रवाना कराईं।
पहली बार मतदान कार्मिकों को मिली बस
सदर विधानसभा के मतदान कार्मिकों को पहली बार बस से बूथ तक जाने का मौका मिला। जिला प्रशासन के इस प्रयास से वह बेहद खुश दिखे। हालांकि उपचुनाव में वाहनों की कमी नहीं रही।
रात में कर्मचारियों के मोबाइल पर आया गया था मैसेज
मतदान कार्मिकों के मोबाइल पर रात में ही मैसेज आ गया था कि उनकी तैनाती किस बूथ पर हुई है। मगर रिजर्व में रहने वाले कर्मचारियों के मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं भेजा गया था। महुली मंडी पहुंचने पर ही उन्हें जानकारी हुई।
रिजर्व कर्मचारियों की संख्या रही अधिक
महुली मंडी में पोलिंग पार्टियों के रवाना होने के बाद रिजर्व कर्मचारियों को रोक लिया गया। महिला और पुरुष कर्मचारियों को अधिक संख्या में रोकने के बाद ब्लाक और तहसीलों में भेजा गया। हालांकि बच्चे को लेकर आने वाली अधिकांश शिक्षिकाओं को वापस कर दिया गया।
स्थानीय बाजार की नहीं खुलेंगी दुकानें
सदर विधानसभा क्षेत्र की सीमाओं को सील कर दिया गया है। साथ ही स्थानीय बाजारों की दुकानों को बंद रखने को कहा गया है। अनिवार्य सेवाओं पर कोई पाबंदी नहीं होगी।
दीवानी में रहेगा अवकाश
सदर विधानसभा में मतदान होने के कारण दीवानी परिसर में भी सोमवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर जिला जज ने यह आदेश जारी किया है।
सदर विधानसभा उप चुनाव को मतदान सामग्री लेकर रवाना होती महिला मतदान कर्मी।- फोटो : PRATAPGARH
सदर विधानसभा उप चुनाव को महुली मंडी से बूथ के लिए रवाना होते मतदानकर्मी।- फोटो : PRATAPGARH
सदर विधानसभा उप चुनाव को पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान महुली मंडी में लगी भीड़।- फोटो : PRATAPGARH