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Pratapgarh News: पटाखा विस्फोट के आरोपी मां-बेटे को पुलिस ने भेजा जेल, लाइसेंस का नहीं कराया था नवीनीकरण

Sun, 07 Jul 2024 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

रामगंज बाजार में किराये के मकान में पटाखा बनाने व डंप रखने के चलते हुए विस्फोट के मामले में उपनिरीक्षक राजेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने देर रात 288, 125 बीएनएस व 3/4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम का आसपुर देवसरा थाने में दर्ज हुआ।
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ध्वस्त मकान की छानबीन करती टीम। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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रामगंज बाजार में शनिवार की सुबह मकान में हुए धमाके के मामले में पुलिस ने अवैध तरीके से पटाखा बनाने वाले आतिशबाज और उसकी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके पास से सात बंडल पटाखा बनाने का सामान और उपकरण बरामद किया है। हालांकि रविवार को भी हादसे से आसपास के लोग सहमे नजर आए।

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रामगंज बाजार में किराये के मकान में पटाखा बनाने व डंप रखने के चलते हुए विस्फोट के मामले में उपनिरीक्षक राजेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने देर रात 288, 125 बीएनएस व 3/4/5 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम का आसपुर देवसरा थाने में दर्ज हुआ। पुलिस ने रात में ही मानापुर सीमा पर अवैध तरीके से पटाखा बनाने वाले सोल्जर व उसकी मां अनवरी बेगम को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार पकड़े गए सोल्जर ने बताया कि उसके पिता नन्हे पटाखा बनाने व बेचने के लाइसेेंसी थे, जिसका लाइसेंस वर्ष 2018 में समाप्त हो गया था।

उसका नवीनीकरण नहीं कराया। मां अनवरी के साथ मिलकर बाजार के ही आलोक तिवारी के मकान को किराए पर लेकर चोरी छिपे पटाखा बनाने का सामान व बारूद आदि खरीदकर व्यापार करते थे। त्योहार को देखते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामान/ उपकरण खरीदकर उसी मकान में एकत्र किया था। पटाखा भी तैयार किया था। शनिवार को अचानक विस्फोट हो गया। जिसमे बारूद व पटाखा जलकर राख हो गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से सात बंडल सामान व उपकरण बरामद कर लिया। थानाध्यक्ष संतोष सिंह ने बताया कि अवैध तरीके से पटाखा बनाने वाले मां-बेटे को जेल भेज दिया गया।

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तीन वर्ष से लकवा का शिकार है नन्हे हवाईदार

आसपुर देवसरा। रामगंज निवासी नन्हे हवाईदार तीन वर्षों से लकवा का शिकार है। वह बिस्तर पर पड़ा हुआ है। ज्यादा चल फिर नहीं पा रहा है। उसके तीन बेटे हैं बड़ा बेटा मुन्ना उससे छोटा सोल्जर सबसे छोटा चांद मियां है। सोल्जर अपनी मां अनवरी बेगम के सहयोग से अवैध तरीके से आतिशबाजी का कार्य करता था। जबकि उसके दोनों भाई मुन्ना और चांद मियां बाजार में ही सिलाई का काम करते हैं। वह दोनों अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। धमाके के विषय में परिवार का कोई भी सदस्य कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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बरसात के चलते नहीं हो सकी जांच

रविवार को बरसात के चलते फायरब्रिगेड व पुलिस मकान के मलबे को हटाकर जांच नहीं कर सकी। इस बात की भी चर्चा है कि बाजार में इतने दिनों से अवैध पटाखा बनाने से लेकर कारोबार का काम चल रहा था लेकिन स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लग सकी। मकान का मलबा भी नहीं हटाया जा सका। जिसके नीचे पटाखा दबा होने की बात बताई जा रही है। लोगों का सवाल है कि अवैध तरीके से आतिशबाजी का काम करने वाले को बारूद कहां से मिलता है। यह पुलिस व प्रशासन के लिए जांच का विषय है।
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