बसहा दलित बस्ती में उत्पात मचाने के आरोपियों की तलाश में पुलिस रातभर संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही। आरोप है कि पुरुषों के नहीं मिलने पर पुलिस ने कई घरों में उत्पात मचाया। इल्जाम है कि बंद मकान का ताला तोड़कर पुलिस तोड़फोड़ के बाद जेवर उठा ले गई। बसहा दलित बस्ती के लोगों पर हमला करने वालों की सजा कुंभापुर बुढ़ौरा के बेगुनाह लोगों को भुगतना पड़ रहा है। रविवार को हुई घटना के बाद तमतमाई पुलिस को कुछ समझ में नहीं आ रहा है। बताया जाता है कि रविवार रात पुलिस ने दबिश के दौरान अंसार अहमद के घर पर जमकर उत्पात मचाया था।
उस समय परिवार के लोग इलाहाबाद में थे। आरोप है कि पुलिस आलमारी और बाक्स तोड़कर करीब सवा लाख के जेवर उठा ले गई। सोमवार को पुलिस ने महबूब अहमद के घर में भी दबिश देने के दौरान उत्पात मचाया। आरोप है कि पुलिस ने घरेलू सामान तोड़ डाला। महिलाओं ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने किसी की एक न सुनी। खाने-पीने का सामान और चारपाई, बेड क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिसिया कार्रवाई से पूरे गांव के लोग सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि करे कोई और सजा भुगते कोई। पुलिस के भय से गांव में कोई भी पुरुष नहीं है। केवल महिलाएं ही घरों में मौजूद हैं। घरों में तोड़फोड़ के आरोपों को एसओ संजय शर्मा ने इनकार करते हुए कहा कि आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई थी। जेवरात लूटने के आरोप भी गलत हैं।