प्रतापगढ़। इस बार विधानसभा चुनाव में डिजिटल उपकरणों का पुलिस प्रशासन अधिक प्रयोग करेगा। ताकि मतदान में गड़बड़ी करने वालों की मंशा पर चोट पहुंचाते हुए उनकी गतिविधियों को कैमरे में कैद किया जा सके। इसके लिए सभी विधानसभा में दो-दो ड्रोन कैमरे से बवाली इलाकों में नजर रखी जाएगी। बवालियों पर काबू पाने के लिए 217 कलस्टर व सेक्टर आफीसर्स बाडी वार्न कैमरे से लैस रहेंगे। 41 जोनल आफीसर्स भी मुस्तैद रहेंगे। चुनाव के तीन दिन पहले से शुरू इस कवायद में बवालियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उन पर काबू पाया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार चुनाव में लगे वाहनों में जीपीएस लगाने की तैयारी है। जिससे टीम के लोगों की लोकेशन का पता चलता रहे।
विधानसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस की ओर से लगातार तैयारियां की जा रहीं हैं। पहली बार चुनाव में पुलिस विभाग द्वारा भी सेक्टर, कलस्टर और जोन स्तर पर पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। जिले के सातों विधानसभा में दो-दो ड्रोन कैमरे लेकर अतिसंवेदनशील व बवाली गांवों में तीन दिन पहले से पुलिसकर्मी भ्रमण करेंगे। मतदान स्थल व गांव के संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरे से नजर रखेंगे। जो पांच किमी के दायरे में होनी वाली गतिविधियों को कैद करेगा। जिले में 217 कलस्टर मोबाइल बनाई गई है। इस टीम में एक दरोगा, पांच पुलिसकर्मी, दो महिला पुलिसकर्मी रहेंगी। इस टीम को बाडी वार्न कैमरा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा 217 सेक्टर पुलिस आफीसर्स भी तैनात होंगे।
जो प्रशासन के सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते हुए मतदान को प्रभावित करने वालों की धरपकड़ करेंगे। कोई आरोप प्रत्यारोप न लगा सके। इसके लिए टीम का इंस्पेक्टर को बनाया गया है। उनकी टीम के सिपाही भी बाडी वार्न कैमरे से लैस होंगे। 41 जोनल पुलिस आफीसर्स की टीम को भी बाडी वार्न कैमरा मिलेगा। जो लगातार राउंड करते रहेंगे। चुनाव ड्यूटी में लगी टीम पर नजर रखने के लिए वाहनों में जीपीएस लगाया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि इस बार चुनाव में डिजिटल उपकरणों का प्रयोग करते हुए बवालियों पर काबू पाने की तैयारी है। इसके लिए टीमें बनाई गईं हैं।
पुलिस लाइन में बनेगा स्मार्ट रूम
चुनाव में बनाई गई कलस्टर, सेक्टर व जोनल टीम की गतिविधियों पर अफसर लगातार निगाह रख सकेंगे। उनके वाहनों में जीपीएस लगाए जाएंगे। इन वाहनों पर नजर रखने के लिए पुलिस लाइन में स्मार्ट रूम बनाया जाएगा। स्मार्ट रूम में बैठा कंट्रोलर सभी पर नजर रखेगा। अधिकारियों के जानकारी मांगने पर उनकी लोकेशन बताएगा। यदि टीम के प्रभारी झूठी लोकेशन बताते हैं तो वह पकड़ में आ जाएंगे।