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न्याय मांग रहे परिवार को पुलिस ने पीटा, युवक को घसीटते हुए ले गई कोतवाली

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पट्टी तहसील गेट पर धरने पर बैठे परिवार को समझाती पुलिस। - फोटो : PRATAPGARH
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पुलिस पूरी तरह मनमानी पर उतारू हो गई है। शुक्रवार दोपहर में न्याय के लिए तहसील गेट पर धरना दे रहे परिवार को कोतवाल ने पुलिसकर्मियों के साथ बर्बरतापूर्वक पीटा। पुलिस एक युवक को घसीटते हुए कोतवाली ले गई। शुक्रवार को दिनभर इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा। घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
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कंधई थाना क्षेत्र के जयसिंहगढ़ निवासी नागेंद्र सिंह पुत्र राजनारायण सिंह अपने बाउंड्रीवाल के भीतर पुराना शौचालय गिराकर फिर से बना रहा है। पड़ोस की आशा किरण सिंह पत्नी अमर सिंह इसका विरोध कर रही हैं। इसे लेकर नागेंद्र सिंह ने तहसील व जिला प्रशासन से शिकायत की थी, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। जिससे निराश होकर नागेंद्र सिंह अपनी पत्नी सुधा सिंह, बेटे अवनीश सिंह मां कमला सिंह तथा बहू व नातियों के साथ तहसील गेट पर बृहस्पतिवार शाम सात बजे धरने पर बैठ गए।
डेढ़ घंटे बाद जिला प्रशासन तक सूचना पहुंचने पर तहसीलदार पट्टी विनोद कुमार गुप्ता मौके पर पहुंचे और धरना दे रहे परिवार को आश्वस्त किया कि शुक्रवार को आवश्यक पुलिस बल तथा राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर उनकी समस्या का निराकरण करेगी। आश्वासन पाकर परिवार घर लौट गया।
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शुक्रवार को जब गांव में दोपहर तक कोई नहीं पहुंचा तो यह परिवार पुन: एक बजे से तहसील गेट पर धरने पर बैठ गया। तहसील के अधिकारियों ने इसकी सूचना पट्टी कोतवाल को देते हुए धरना दे रहे लोगों को वहां से हटाने का निर्देश दिया। दोपहर लगभग ढाई बजे पट्टी कोतवाल नरेंद्र सिंह भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे और धरना खत्म करने के लिए परिवार के लोगों को कोतवाली ले जाने का प्रयास करने लगे। बातचीत के दौरान अचानक विवाद होने लगा और पुलिस धरना दे रहे पर हमलावर हो गई।
कोतवाली परिसर में मौजूद महिलाओं ने पुलिस पर बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है। जिसमें पुलिस अवनीश सिंह को जमीन पर घसीटते हुए कोतवाली परिसर के भीतर ले जाती नजर आ रही है। वायरल वीडियो में पुलिस की बर्बरता स्पष्ट नजर आ रही है। कोतवाली परिसर में बैठाए गए परिवार का देर शाम पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। इस बारे में पट्टी कोतवाल नरेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग कर धरना दे रहे लोगों को वहां से हटाया। पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने तथा युवक को घसीटने जैसी बातें गलत हैं।
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