गरीब भीम मजदूर है, वह इस तरह का दुस्साहस नहीं कर सकता है। सिर्फ पीड़ित के परिजनों के बयान के आधार पर किसी को जेल भेज देना न्यायोचित नहीं है। पुलिस सही आरोपी को पकड़ने से पीछे हट रही है। थानाध्यक्ष धनंजय राय ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। यदि घटना दूसरे किसी आरोपी ने अंजाम दिया है तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
भोपतपुर मोड़ से पुलिस दिखा रही गिरफ्तारी
देल्हूपुर थानाध्यक्ष धनंजय राय भीम सरोज की गिरफ्तारी भोपतपुर मोड़ से दिखा रहे हैं। जबकि घटना के बाद पुलिस के साथ भीम सरोज के घर पहुंचे ग्रामीण और प्रधान राजकुमार सरोज इस बात के चश्मदीद है कि भीम सरोज घर पर सो रहा था। पुलिस ने उसे घर से गिरफ्तार किया है। इस तरह की जा रही पुलिस की मनमारी कार्रवाई बेगुनाहों को ही सजा दिलाने में आगे निकल रही है।
मोबाइल पर मिली थी धमकी
चर्चा है कि घायल शुभम को वृहस्पितवार की सुबह ही किसी ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी थी, लेकिन पुलिस ने उसके मोबाइल को खंगालने के बजाय कार्रवाई के नाम पर कोरम पूरा कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है। यदि पुलिस शुभम के मोबाइल का सीडीआर निकाले तो आरोपी तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।
शुभम का दुश्मनों से है पुराना नाता
शुभम के दुश्मन कम नहीं है। सूत्रों की माने तो 23 नवंबर शाम शुभम अपने दो साथियों के साथ निमंत्रण से लौट रहा था। बोझी चौराहा स्थित सामुदायिक शौचालय पर एक युवती और तीन युवकों को शुभम ने पकड़ा था। निर्वस्त्र कर युवकों की पिटाई कर पैसा और रूपये छीन लिया था। बाद में मोबाइल वापस कर दिया था। बानगी के तौर पर यह एक ही घटना है। ग्रामीणों की जुबां पर इस तरह की कई घटनाएं है, जिसमें शुभम अपने साथियों के साथ संलिप्त था।