रविवार की बारिश ने लोगों को थोड़ी देर के लिए राहत जरूर दिया, लेकिन समस्या भी बढ़ा दी। आंधी की चपेट में आए पेड़ और बिजली के पोल टूटकर सड़क पर गिर गए। इससे बिजली आपूर्ति बाधित रही। सड़कों पर पेड़ और पोल गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। रास्ते भी जलमग्न हो गए।
नौतपा की शुरुआत होने के साथ ही उमड़-घुमड़ के आए बादलों ने करीब घंटे तक बारिश की। हालांकि बारिश का असर कुछ ही इलाकों में रहा। कई स्थानों पर बूंदाबांदी भी नहीं हुई। आधे घंटे की बारिश ने जन जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। जगह-जगह बिजली के पोल टूटकर सड़क पर गिर गए। आंधी की चपेट में आने से पेड़ भी टूटकर नीचे गिर पड़े। इससे रास्ते का आवागमन बाधित हो गया।
पोल गिरने से तार टूटकर अलग हो गए। मजबूरी में उपकेंद्रों से बिजली कटौती करनी पड़ी। कई इलाकों में टूटे बिजली के पोल के कारण देर रात तक आपूर्ति नहीं हो सकी। शहरी इलाकों में भी करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बिजली नहीं होने से लोगों में हाहाकार मचा रहा।
बिजली आपूर्ति नहीं होने से एसी, फ्रिज, कूलर और पंखे शोपीस बन गए। पानी के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ा। कई इलाकों में बारिश होने से सड़कें जलमग्न हो गईं। बारिश बंद होने के बाद सड़कों से गुजरने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद खिल गई धूप, बढ़ी उमस
दोपहर करीब 12.30 शुरू हुई बारिश लगातार आधे घंटे तक होती रही। मौसम विभाग के अनुसार करीब 11 मिमी बारिश आधे घंटे में हुई। मौसम में खास उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला। अधिकतम तापमान पहले की तरह 35.5 डिग्री सेल्सियस पर बना रहा। न्यूनतम तापमान में भी कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिला। 27.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकाॅर्ड किया गया। हालांकि बारिश के तुरंत बाद धूप खिल जाने से मौसम में उमस बढ़ गया। बारिश के आधे घंटे की राहत के बाद लोगों को कूलर, एसी और पंखे की शरण लेनी पड़ी।