जौनपुर की घटना के बाद अब जनपद के गांवों से लेकर दूसरे प्रांत के पशु तस्करों की नए सिरे से कुंडली तैयार की जाएगी। गैंगस्टर के आरोपी पशु तस्करों की संपत्ति भी कुर्क होगी। ताकि, गोवध व पशु तस्करी पर लगाम लगाया जा सके।
गत दिनों जौनपुर के जलालपुर और चंदवक में पशु तस्करों ने पांच पुलिसकर्मियों को वाहनों से रौंदा था। जहां सिपाही दुर्गेश सिंह की मौत हो गई थी। हालांकि, बाद में पुलिस मुठभेड़ में एक पशु तस्कर भी मारा गया, कई के पैर में गोली लगी। पड़ोसी जनपद की घटना के साथ ही जिले में पहले हो चुकी घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पशु तस्करों की कमर तोड़ने के लिए कदम उठाया है।
जनपद के 24 थानों पर अभी तक 387 पशु तस्कर चिह्नित किए गए हैं। अब नए सिरे से जनपद के अलावा गैर प्रांत के पशु तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए थाना स्तर पर पहले चरण में टॉप टेन पशु तस्कर पुलिस के निशाने पर हैं। इनकी हिस्ट्रीशीट खोलने के साथ ही इन पर गैंगस्टर की कार्रवाई होगी।
पशु तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों को तैयारी के साथ चेकिंग व धरपकड़ के लिए कहा गया है। जिस इलाके में पशु तस्कर गुजरते हैं। उस इलाके के पुलिस के अलावा सीमा वाले थानों की पुलिस के साथ मिलकर धरपकड़ में मदद लेने के लिए पहले से ही बातचीत करनी होगी। ऐसा मामला संज्ञान में आने के बाद थानेदार से लेकर क्षेत्राधिकारी को अवगत कराएंगे।
चेकिंग के दौरान बाॅडी प्रोटेक्टर का करें इस्तेमाल
पुलिस अधीक्षक ने मातहतों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि दिन हो या रात, पशु तस्करों को पकड़ने के दौरान पुलिसकर्मी सतर्क रहें। हेलमेट, बाॅडी प्रोटेक्टर व असलहा लेकर ही उनका पीछा करें।
पशु तस्करी से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। छह माह के भीतर करीब 53 पशु तस्करों पर गैंगस्टर लगाया गया है। उनकी संपत्ति कुर्क करने की भी तैयारी है। जनपद के अलावा बाहरी पशु तस्करों पर भी कार्रवाई होगी। इसके लिए सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया जा चुका है। -डॉ. अनिल कुमार, एसपी