शहर के जीआईसी और केपी इंटरकॉलेज में आईटीआई की परीक्षा दो घंटे देरी से प्रारंभ हुई। इसकी वजह पेपर कम पड़ जाना था। आनन-फानन में कर्मचारियों ने पेपर की छायाप्रति कराकर किसी तरह परीक्षा कराई।
शुक्रवार को जिले के 11 आईटीआई के लगभग 952 परीक्षार्थियों का पहला पेपर सुबह 10.30 बजे से प्रारंभ होना था। इसके लिए जीआईसी और केपी इंटरकॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। सुबह परीक्षार्थी तो केंद्र पर पहुंच गए, मगर कापी, पेपर नहीं पहुंचा। शिक्षकों ने पहुंचकर परीक्षार्थियों को कमरे में बिठा दिया। घंटे भर के इंतजार के बाद भी जब पेपर नहीं पहुंचा तो परीक्षार्थी बाहर निकलकर हंगामा करने लगे।
यह सूचना जब आईटीआई प्रिंसिपल के पास पहुंची तो लगभग साढे़ बारह बजे पेपर की छायाप्रति लेकर केंद्र पर पहुंचे। पहले पाली की परीक्षा देर से प्रारंभ होने के कारण दूसरी पाली की भी परीक्षा देर से प्रारंभ हुई। आईटीआई प्रिंसिपल यज्ञदेव सिंह ने बताया कि लखनऊ से जो पैकेट आया था, उसमें इलेक्ट्रिकल और फिटर ट्रेड के लगभग 160 पेपर कम थे। उन्होंने बताया कि पेपर की छायाप्रति कराने के बाद परीक्षार्थियों को वितरित किया गया। इससे थोड़ी देर अवश्य हुई।