भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) ने पीएचडी छात्रों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोधपत्र प्रस्तुत करने के लिए वित्तीय सहायता नीति मंजूर की है। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना और शोधार्थियों के कार्य को वैश्विक स्तर पर सामने लाना है।
शोधार्थी को अपने शोधपत्र का प्रथम लेखक होना और प्रस्तुति स्वयं करनी होगी। सम्मेलन में शोधपत्र भेजने से पहले निर्धारित समिति से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए पर्यवेक्षक और विभागाध्यक्ष की संस्तुति के साथ प्रस्ताव भेजना होगा। फिर डीन (रिसर्च एंड इनोवेशन अफेयर्स) के माध्यम से सक्षम प्राधिकारी को आवेदन किया जाएगा। बैठक में सम्मेलन के चयन में पर्यवेक्षक की भूमिका पर भी चर्चा हुई। वित्तीय सहायता बढ़ाने पर भी विचार किया गया।