राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में निपटने वाले स्टांप वादों में दंड नहीं देना होगा। छह दिसंबर को होनी वाली लोक अदालत में 553 वादों को निस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में विचाराधीन 553 स्टांप वादों को निस्तारित करने की योजना बनाई गई है। यह वाद डीएम, एडीएम और तहसीलों के एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन हैं। छह दिसंबर को राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में इन मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने का फैसला किया गया है।
एआईजी स्टांप एसके त्रिपाठी ने बताया कि स्टांप वादों में अधिकतम चार गुना दंड वसूल किया जाता है, मगर लोक अदालत में प्रतिवादियों से दंड नहीं लिया जाएगा। जो वाजिब शुल्क होगा वही लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि छह दिसंबर को सभी तहसीलों से एक-एक कर्मचारी को बुलाया गया है। जिसकी मौजूदगी में स्टांप वादों का निस्तारण किया जाएगा।