रेल विभाग के अफसर ही नियम की धज्जियां उड़ाने में लगे हैं। ट्रेन से आने वाले पार्सल को स्टेशन के हर छोर पर वाहनों में बेरोकटोक लादा जाता है। इनकी निगरानी करने वाला कोई नहीं होता। जबकि स्टेशन के पोर्टिको के बाहर लोडर पर पार्सल लादने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्टेशन पर पार्सल घर केवल सामान को बुक कराने और कागजी कोरम पूरा करने के लिए है। इसके अलावा पार्सल ले जाने का काम जंक्शन के किसी भी छोर पर होना कोई बड़ी बात नही है। शनिवार की दोपहर पोर्टिको के बाहर लोग लोडर पर पार्सल लादने लगे। इसमें करीब एक घंटे का समय लग गया। इससे पोर्टिको से होकर प्लेटफार्म की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जबकि रेल पुलिस पोर्टिको के इर्द गिर्द मंडराने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई कर देती है। इस बाबत आरपीएफ इंस्पेक्टर एके धीमान ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के चलते पार्सल की लिखापढ़ी प्लटेफार्म पर ही की जाती है। हो सकता है पार्सल पोर्टिको के पास ट्रेन से उतारा गया हो। यात्रियों को दिक्कत होने की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा होगा तो नियम के मुताबिक ऐसे वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।