अप्रैल की जीएसटी नहीं जमा करने वाले ठेकेदारों से विभाग अर्थदंड और ब्याज की वसूली करेगा। नोटिस देने के बाद भी जनपद के 34 ठेकेदारों ने अप्रैल माह की बकाया 1.64 करोड़ रुपये जीएसटी को नहीं जमा किया है। 21 मई तक अप्रैल माह की जीएसटी जमा करने की समय सीमा निर्धारित है लेकिन 31 मई तक कई ठेकेदारों ने बकाया कर का भुगतान नहीं किया।
उपायुक्त राज्य कर ने मई में ठेकेदारों को नोटिस भेज कर चेतावनी दी थी कि समय पर जीएसटी का भुगतान नहीं करने वालों का फर्माें से भुगतान रोक दिया जाएगा। साथ ही आदेश पारित होने के बाद अर्थदंड और ब्याज भी देना होगा।
लापरवाही बरतने से राज्य कर विभाग को अप्रैल माह की 1.64 करोड़ जीएसटी प्राप्त नहीं हो सकी। जिससे राजस्व का नुकसान हुआ। उपायुक्त राज्य कर वेगराज सिंह ने बताया कि नोटिस के बाद भी जीएसटी नहीं देने वाले ठेकेदारों पर अर्थदंड और जुर्माने की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही प्रवर्तन इकाई व्यापार स्थलों की जांच भी करेंगी। जिससे ठेकेदारों की कठिनाई बढ़ सकती है।
टैक्स बार एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी तुषार खंडेलवाल ने बताया कि किसी महीने की जीएसटी जमा नहीं होने पर आगामी महीने की 21 तारीख तक जीएसटी बिना किसी अर्थदंड व ब्याज के जमा की जा सकती है लेकिन समय सीमा के बाद अर्थदंड एवं 18 फीसदी वार्षिक ब्याज जीएसटी पर देना पड़ता है।