प्रतापगढ़। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार से लगभग 413 अरब का भुगतान हुआ। सुबह से ही ट्रेजरी में भुगतान के लिए बिलों का अंबार लगा रहा। कोषागार में सभी भुगतान को रोककर सिर्फ बिल, वाउचर को निपटाए गए। एरियर, वेतन, बकाया भुगतान के लिए देरशाम तक ट्रेजरी में कामकाज होता रहा।
कर्मचारियों का एरियर, वेतन, यात्रा भत्ता और स्टेशनरी के बिल को दबाकर सौदेबाजी करने वाले बाबुओं ने अंतिम दिनों में पत्ता खोला। पुलिस, स्वास्थ्य, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, कृषि विभाग, वाणिज्यकर, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास आदि विभाग से लगभग 413 अरब का बिल ट्रेजरी कार्यालय पहुंचने पर कर्मचारियों पर अचानक कार्य बोझ बढ़ गया। इन बिलों को पास करने और भुगतान करने में कर्मचारियों को पसीना छूट गया। शासन ने पहले 25 मार्च और बाद में 30 मार्च को बिल प्रस्तुत करने का अंतिम मौका दिया था।
विकास विभाग में करीब 96.31 करोड़, बेसिक शिक्षा विभाग में 42.12 करोड़, स्वास्थ्य विभाग में 56.36 करोड़, पुलिस विभाग में 61.23 करोड़, कृषि विभाग में 78.16 करोड़, अल्पसंख्यक विभाग में 69.32 लाख रुपये समेत तकरीबन 413 अरब रुपये के बिलों का भुगतान किया गया। वरिष्ठ कोषाधिकारी दीपक बाबू ने बताया कि 31 मार्च को अवकाश होने के बावजूद ट्रेजरी और एसबीआई की शाखाएं खुली रहेंगी। बैंकों में लेनदेन नहीं होगा, लेकिन चालान जमा किया जा सकता है।