क्षेत्र के रोडवेज बस अड्डे की तस्वीर जल्द बदलेगी। इसे पब्ल्कि-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। अगले वर्ष मार्च के पहले काम शुरू होने की उम्मीद है। पुनर्विकास से यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी। साथ ही बाईपास पर उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। बस अड्डे से दिल्ली, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी के लिए सीधी बसें चलाई जा सकती हैं।
शासन ने तीसरे चरण में 49 बस अड्डों के पुनर्विकास को मंजूरी दी है। इसमें प्रतापगढ़ का पट्टी बस स्टेशन भी शामिल है। पट्टी बस अड्डे का भवन जर्जर हो गया है। भवन में अधिकारी और कर्मचारियों की बात तो दूर चालक और परिचालक भी नहीं रुकते हैं। पट्टी से प्रतापगढ़, प्रयागराज और लखनऊ के लिए निगम की बसें संचालित होती हैं, मगर यात्रियों के ठहरने के लिए व्यवस्था नहीं है। मजबूरन उन्हें सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन, अब लंबे रूट की बसें भी यहां रुकेंगी।
ये मिलेंगी सुविधाएं
- यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय की सुविधा।
- चालक और परिचालक के लिए विश्राम कक्ष।
- फोन और लैपटॉप चार्ज करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट।
- यात्री के वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की सुविधा।
- भोजन और नाश्ते के लिए कैंटीन।
वर्जन
शासन से पत्राचार किया गया था। पट्टी बस अड्डे को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की मंजूरी मिली है। मार्च के पहले काम शुरू हो जाएगा। - रवींद्र सिंह, आरएम।