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दर्द से तड़प रहे मरीजों का जल्द होगा आपरेशन

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जिले के उन मरीजों के लिए राहत भरी खबर है जो पथरी, हार्निया, हाइड्रोसील या अन्य किसी बीमारी में ऑपरेशन कराने के लिए 65 दिनों से परेशान हैं। दर्द से तड़प रहे इन मरीजों का जल्द आपरेशन होगा। शासन ने ओटी खोलने का निर्देश दे दिया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि तीन जून के बाद हॉटस्पाट खुलने पर जिला अस्पताल में मरीजों का आपरेशन शुरू हो जाएगा। आपरेशन कराने के लिए तमाम ऐसे मरीज भी परेशान हैं जिन्हें डाक्टरों ने डेट दे रखी थी, लेकिन महामारी कोरोना वायरस के चलते ओटी लॉक होने के कारण उनका ऑपरेशन नहीं हो सका।
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कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए शासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने मार्च में जिले के अस्पतालों के ओटी को लॉक कर दिया था। उस समय जिले के 745 हार्निया, हाइड्रोसील, अपेंडिक्स, पथरी और बच्चादानी की समस्या से परेशान मरीजों ने आपरेशन कराने के लिए चिकित्सकों से संपर्क किया था। डाक्टरों ने इन मरीजों को ऑपरेशन की डेट भी दे दी थी। अचानक ओटी लॉक करने के निर्णय से मरीजों का आपरेशन टाल दिया गया।
इससे मरीजों की समस्या बढ़ गई। दर्द होने पर डाक्टर उन्हें दवाएं लेने की सलाह दे रहे थे। लॉकडाउन में ज्यादातर प्राइवेट अस्पतालों के डाक्टरों ने भी आपरेशन से दूरी बना ली। जिन निजी अस्पतालों में आपरेशन हो रहे थे वहां मनमानी फीस वसूली जा रही थी। अब मरीजों की समस्या को देखते हुए शासन ने सरकारी अस्पतालों का ओटी खोलने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया है। जिन मरीजों ने पहले चिकित्सकों से जांच कराई थी और उन्हें डेट मिली थी, पहले उनका ऑपरेशन किया जाएगा।
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इसके अलावा उन मरीजों का ऑपरेशन करने के लिए शासन ने छूट दी है जिनकी हालत बेहद खराब है। कोरोना के मरीज की मौत के बाद जिला अस्पताल हॉटस्पाट इलाके में हैं। अभी यहां इमरजेंसी को छोड़कर सभी सेवाएं बंद हैं। तीन जून को हॉटस्पाट खत्म हो जाएगा। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इसके बाद जिला अस्पताल में मरीजों का आपरेशन शुरू हो सकता है।
पहले कराना होगा पंजीकरण, डेट आने पर बुलाएंगे चिकित्सक
कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए जिला अस्पताल के सीएमएस ने नया कदम उठाया है। जिन मरीजों को ऑपरेशन की डेट पहले दी गई है पहले उनको एक तीमारदार के साथ अस्पताल बुलाया जाएगा। यहां उनकी खून, पेशाब और एचआईवी के साथ कोरोना की जांच की जाएगी। इसके बाद ही उनका आपरेशन किया जाएगा।
मरीज के साथ महज एक तीमारदार
जिला अस्पताल में जिन मरीजों का चिकित्सक ऑपरेशन करेंगे, उनके साथ महज एक तीमारदार को ही वार्ड में प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश के पहले तीमारदारों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी। जांच के बाद ही उन्हें मरीजों तक जाने दिया जाएगा।
ओटी खोलने के लिए शासन की ओर से आदेश आ गया है। हॉटस्पॉट जोन से जिला अस्पताल को जैसे ही छुटकारा मिलेगा ओटी को खोल दिया जाएगा। जिन मरीजों को ऑपरेशन के लिए डेट मिली थी, उनका ऑपरेशन पहले किया जाएगा। वार्ड में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
डॉक्टर पीपी पांडेय, सीएमएस, जिला अस्पताल।
जरूरत पड़ी तो जिले में एलएस एंबुलेंस मिलना मुश्किल है। दरअसल, जिले में चार एलएस एंबुलेंस हैं। इन चारों एंबुलेंस को कोरोना के मरीजों को घर से कोविड अस्पताल छोड़ने के लिए लगा दिया गया है। अत्याधिक गंभीर रोगियों के रेफर होने के बाद प्रयागराज के एसआरएन या फिर लखनऊ पहुंचाने के लिए शासन ने जिले को चार आधुनिक एंबुलेंस दी हैं। इस एंबुलेंस में वेंटीलेटर की भी व्यवस्था है। इस समय चारों एंबुलेंस को जिले में मिलने वाले कोरोना के मरीजों को घर से लेकर कोविड अस्पताल छोड़ने के लिए लगा दिया गया है।
ऐसे में यदि मरीज को एलएस एंबुलेंस की जरूरत पड़ी तो मिलना असान नहीं है। बहुत प्रयास करने पर उन्हें 108 एंबुलेंस ही मिल सकेगी। प्रोग्राम मैनेजर सचिन राज श्रीवास्तव ने बताया कि चारों एंबुलेंस को कोरोना ड्यूटी में लगाया जरूर गया है, मगर मरीज को जैसे ही वह छोड़ कर लौटती हैं तत्काल सैनिटाइज कराया जा जाता है। यदि एंबुलेंस खाली है तो जरूरत पड़ने पर गंभीर रोगियों को तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।
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